UPSSSC JE Irrigation Engineering – 100 Important MCQs with Detailed Explanation (Hindi)
🚜 सिंचाई इंजीनियरिंग (Irrigation Engineering) UPSSSC / SSC JE EXAM – Full Notes (Part‑1) 📘 सिलेबस कवरेज: Canal System, Canal Works, Types of Irrigation, Kennedy & Lacey Theory, Lift Irrigation, Water Logging, Drainage System, Cross Drainage Works 1️⃣ सिंचाई इंजीनियरिंग का परिचय सिंचाई इंजीनियरिंग सिविल इंजीनियरिंग की वह शाखा है जिसमें खेतों को नियंत्रित मात्रा में जल उपलब्ध कराने, नहरों की डिजाइन, जल निकासी तथा जल प्रबंधन का अध्ययन किया जाता है। 🎯 उद्देश्य: फसल उत्पादन बढ़ाना, सूखा नियंत्रण, वर्षा पर निर्भरता कम करना। 🔹 सिंचाई की आवश्यकता अनियमित एवं कम वर्षा बहु‑फसली कृषि अधिक उपज प्राप्त करना सूखा प्रभावित क्षेत्रों में खेती 2️⃣ Types of Irrigation (सिंचाई के प्रकार) 2.1 Flow Irrigation (प्रवाह सिंचाई) जब जल प्राकृतिक ढाल (Gravity) से खेतों तक पहुँचता है, उसे प्रवाह सिंचाई कहते हैं। (a) Perennial Irrigation (स्थायी सिंचाई) ✔ वर्ष भर जल उपलब्ध ✔ बांध/बैराज से नियंत्रित जल उदाहरण: गंगा नहर प्रणाली लाभ: नियमित जल आपूर्ति अधिक कृष...