UP GeM Portal & Outsourcing Rules: पुराने और नए कार्मिकों के लिए शासनादेश (Full Guide + PDF)
उत्तर प्रदेश: GeM पोर्टल और आउटसोर्सिंग नीति
पुराने और नए कार्मिकों के लिए विस्तृत शासनादेश गाइड
उत्तर प्रदेश शासन ने सरकारी विभागों में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल को अनिवार्य कर दिया है। इस लेख में हम आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, बिड प्रक्रिया और वित्तीय नियमों पर जारी सभी प्रमुख शासनादेशों (2017-2021) का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
पुराने/कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए नियम
विभिन्न शासनादेशों के अनुसार पुराने कार्मिकों के लिए निम्नलिखित सुरक्षा प्रदान की गई है:
- सेवा की निरंतरता (Service Continuity): वर्तमान में कार्य कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मियों को हटाया नहीं जाएगा। उन्हें जेम पोर्टल द्वारा चयनित नई एजेंसी (सेवा प्रदाता) द्वारा समायोजित किया जाएगा।
शासनादेश: 25 अगस्त 2020 - संतुष्टि प्रमाण पत्र: पुराने कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए विभाग को उनका 'सेवा संतुष्टि प्रमाण पत्र' सेवा प्रदाता को देना होगा।
शासनादेश: 25 अगस्त 2020 (बिंदु 5) - सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण: पुराने कर्मियों का चयन दोबारा नहीं होगा, लेकिन सेवा प्रदाता को उनका पंजीकरण सेवायोजन पोर्टल पर कराना अनिवार्य है।
शासनादेश: 19 फरवरी 2021 (बिंदु 9) - अंतिम सूची और सत्यापन: विभाग को पुराने कर्मियों की एक 'अंतिम सूची' तैयार करनी होगी और वेतन/EPF के आधार पर उनका सत्यापन करना होगा।
शासनादेश: 07 दिसम्बर 2020
- शासनादेश संख्या-31/2020/273/18-2-2020-97 (ल030)/2016टी.सी. (दिनांक 25.08.2020)
- शासनादेश संख्या-42/2020/ई-153/18-2-2020-97 (ल030)/2016टी०सी० (दिनांक 07.12.2020)
नए कर्मचारियों का चयन और प्रक्रिया
यदि विभाग को नए कर्मचारियों की आवश्यकता है, तो प्रक्रिया निम्नवत होगी:
- सेवायोजन पोर्टल: नए कर्मियों का चयन अनिवार्य रूप से sewayojan.up.nic.in के माध्यम से वरिष्ठता (Merit) के आधार पर होगा।
शासनादेश: 25.08.2020 - चयन अनुपात:
- 1 रिक्ति के लिए: 5 आवेदक।
- 2 या अधिक रिक्तियों के लिए: 3 गुना आवेदक (न्यूनतम 10)।
- शुल्क प्रतिबंध: सेवा प्रदाता द्वारा अभ्यर्थियों से नौकरी के बदले कोई भी धनराशि लेना पूर्णतः वर्जित है।
GeM बिड प्रक्रिया और L-1 चयन
विभागों को निविदा निकालते समय इन नियमों का पालन करना होगा:
- Run L-1 Tool: यदि वित्तीय बिड में एक से अधिक फर्में L-1 (समान न्यूनतम दर) आती हैं, तो सिस्टम का "Run L-1 Selection Tool" प्रयोग करना अनिवार्य है। मैनुअल चयन प्रतिबंधित है।
- बंच बिड (Bunch Bid): विभाग अपनी कुल आवश्यकता को जोन या जिलों में नहीं बांटेंगे, बल्कि एक ही 'बंच निविदा' निकालेंगे।
- बिड निरस्तीकरण: बिना 'ठोस कारण' (Speaking Reason) के बिड निरस्त नहीं की जा सकती।
वित्तीय नियम: EMD, PBG और सर्विस चार्ज
1. बयाना राशि (EMD)
| निविदा मूल्य | EMD दर |
|---|---|
| 5 लाख से 1 करोड़ तक | 0.5% से 5% (क्रेता का निर्णय) |
| 1 करोड़ से अधिक | 5% |
नोट: MSME सहित किसी भी इकाई को EMD में छूट नहीं मिलेगी।
2. परफॉरमेंस बैंक गारंटी (e-PBG)
| निविदा मूल्य | बैंक गारंटी (PBG) दर |
|---|---|
| 1 करोड़ से कम | 2% |
| 1 करोड़ से 3 करोड़ | 5% |
| 3 करोड़ से अधिक | 10% |
3. सेवा शुल्क (Service Charge)
सेवा प्रदाता न्यूनतम 0.01% सर्विस चार्ज कोट कर सकता है। हालांकि, 19 फरवरी 2021 के पत्र में सुझाव दिया गया है कि गुणवत्ता के लिए न्यूनतम सर्विस चार्ज 4-5% होना चाहिए।
वेतन भुगतान और MSME आरक्षण
- भुगतान समयसीमा: विभाग को 30 दिनों के भीतर एजेंसी को भुगतान करना होगा। एजेंसी को पैसा मिलने के 4-6 दिनों में कर्मचारियों को वेतन देना होगा।
- वेतन सुरक्षा: कार्मिक को मिल रहे वर्तमान मानदेय से कम वेतन नहीं दिया जा सकता।
- MSME आरक्षण: यदि UP की कोई MSME इकाई L-1 + 15% के प्राइस बैंड में आती है, तो उसे L-1 रेट पर काम करने की सहमति देने पर 25% कार्य आवंटित किया जाएगा।
मूल शासनादेश डाउनलोड करें
इस लेख में वर्णित सभी नियमों के मूल PDF शासनादेश आप नीचे दिए गए बटन से डाउनलोड कर सकते हैं।
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