Building materail civil engineering je part 2
बिल्डिंग मटेरियल (750 MCQ सीरीज़) - भाग 147 (Q741 - Q745)
📌 Exam Tags: SSC JE 2017 & 2019, UPPCL JE 2018, DMRC JE
Q741: ताजी बिछाई गई कंक्रीट की 'तराई' (Curing) करने का सबसे मुख्य और प्राथमिक उद्देश्य क्या होता है?
- A) कंक्रीट की सतह को साफ और चमकदार बनाए रखना
- ✅ B) सीमेंट के पूर्ण जलयोजन (Hydration) के लिए कंक्रीट के भीतर नमी बनाए रखना (सही उत्तर)
- C) कंक्रीट के वजन को कम करना
- D) कंक्रीट को सिकुड़ने से पूरी तरह रोकना
💡 डिटेल Explanation:
कंक्रीट की ताकत सीमेंट और पानी के बीच होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया (जलयोजन) पर निर्भर करती है। यदि कंक्रीट का पानी वाष्पित होकर उड़ जाए, तो जलयोजन रुक जाएगा और कंक्रीट कमजोर रह जाएगी। तराई (Curing) इसी आवश्यक नमी को कंक्रीट के अंदर बनाए रखती है ताकि कंक्रीट अपनी अधिकतम ताकत प्राप्त कर सके।
कंक्रीट की ताकत सीमेंट और पानी के बीच होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया (जलयोजन) पर निर्भर करती है। यदि कंक्रीट का पानी वाष्पित होकर उड़ जाए, तो जलयोजन रुक जाएगा और कंक्रीट कमजोर रह जाएगी। तराई (Curing) इसी आवश्यक नमी को कंक्रीट के अंदर बनाए रखती है ताकि कंक्रीट अपनी अधिकतम ताकत प्राप्त कर सके।
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Q742: भवन निर्माण में उपयोग की जाने वाली 'हॉलो ईंटों' (Hollow Bricks / Cavity Bricks) का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग लाभ क्या है?
- A) वे ठोस ईंटों की तुलना में अधिक वजन सहन कर सकती हैं
- ✅ B) वे बेहतरीन ऊष्मीय और ध्वनि रोधन (Thermal and Sound Insulation) प्रदान करती हैं (सही उत्तर)
- C) वे पानी को बिल्कुल नहीं सोखतीं
- D) उनका निर्माण करना बहुत आसान होता है
💡 डिटेल Explanation:
खोखली ईंटों के अंदर हवा फंसी रहती है। चूंकि स्थिर हवा (Dead air) ऊष्मा (Heat) और ध्वनि (Sound) की कुचालक होती है, इसलिए हॉलो ईंटों से बनी दीवारें इमारत को गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में गर्म रखती हैं। इसके अलावा, ये वजन में हल्की होती हैं जिससे संरचना का डेड लोड (Dead load) कम हो जाता है।
खोखली ईंटों के अंदर हवा फंसी रहती है। चूंकि स्थिर हवा (Dead air) ऊष्मा (Heat) और ध्वनि (Sound) की कुचालक होती है, इसलिए हॉलो ईंटों से बनी दीवारें इमारत को गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में गर्म रखती हैं। इसके अलावा, ये वजन में हल्की होती हैं जिससे संरचना का डेड लोड (Dead load) कम हो जाता है।
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Q743: पेंट के प्रकारों में, 'एल्युमिनियम पेंट' (Aluminium Paint) का उपयोग मुख्य रूप से गर्म पानी के पाइपों, तेल भंडारण टैंकों और समुद्री संरचनाओं पर क्यों किया जाता है?
- A) क्योंकि यह सबसे सस्ता पेंट है
- ✅ B) क्योंकि यह गर्मी और प्रकाश को अत्यधिक प्रतिबिंबित (Reflect) करता है और जंगरोधी है (सही उत्तर)
- C) क्योंकि यह बहुत जल्दी सूख जाता है
- D) क्योंकि यह पारदर्शी होता है
💡 डिटेल Explanation:
एल्युमिनियम पेंट को स्पिरिट वार्निश में बारीक एल्युमिनियम पाउडर मिलाकर बनाया जाता है। सूखने पर इसके एल्युमिनियम के कण सतह पर एक धात्विक परत बना लेते हैं। यह अत्यधिक परावर्तक (Reflective) होता है, जो संरचना को गर्मी से बचाता है। साथ ही, यह समुद्री वातावरण (खारे पानी) और एसिड धुएं का भी बहुत अच्छा प्रतिरोध करता है।
एल्युमिनियम पेंट को स्पिरिट वार्निश में बारीक एल्युमिनियम पाउडर मिलाकर बनाया जाता है। सूखने पर इसके एल्युमिनियम के कण सतह पर एक धात्विक परत बना लेते हैं। यह अत्यधिक परावर्तक (Reflective) होता है, जो संरचना को गर्मी से बचाता है। साथ ही, यह समुद्री वातावरण (खारे पानी) और एसिड धुएं का भी बहुत अच्छा प्रतिरोध करता है।
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Q744: कंक्रीट निर्माण में, 'सुपर-प्लास्टिसाइज़र' (Super-plasticizers) की क्रिया का मुख्य सिद्धांत क्या है?
- A) वे कंक्रीट में पानी की मात्रा बढ़ा देते हैं
- ✅ B) वे सीमेंट के कणों को एक-दूसरे से दूर धकेलकर (Dispersion) कंक्रीट की तरलता बढ़ाते हैं (सही उत्तर)
- C) वे कंक्रीट में हवा के बड़े बुलबुले पैदा करते हैं
- D) वे कंक्रीट के जमने की गति को धीमा कर देते हैं
💡 डिटेल Explanation:
सीमेंट के कणों में आपस में चिपकने (Flocculation) की प्रवृत्ति होती है, जिससे कंक्रीट गाढ़ी हो जाती है। सुपर-प्लास्टिसाइज़र सीमेंट के कणों पर समान विद्युत आवेश (Negative charge) उत्पन्न कर देते हैं। इस आवेश के कारण कण एक-दूसरे को प्रतिकर्षित (Repel/Disperse) करते हैं, जिससे बिना अतिरिक्त पानी मिलाए कंक्रीट अत्यधिक सुकार्य और बहने योग्य हो जाती है।
सीमेंट के कणों में आपस में चिपकने (Flocculation) की प्रवृत्ति होती है, जिससे कंक्रीट गाढ़ी हो जाती है। सुपर-प्लास्टिसाइज़र सीमेंट के कणों पर समान विद्युत आवेश (Negative charge) उत्पन्न कर देते हैं। इस आवेश के कारण कण एक-दूसरे को प्रतिकर्षित (Repel/Disperse) करते हैं, जिससे बिना अतिरिक्त पानी मिलाए कंक्रीट अत्यधिक सुकार्य और बहने योग्य हो जाती है।
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Q745: 745 MCQ का माइलस्टोन! प्रश्न: पत्थर की 'ड्रेसिंग' (Dressing of stone - सही आकार में काटना) खदान से पत्थर निकालने के तुरंत बाद ही क्यों की जानी चाहिए?
- ✅ A) क्योंकि ताजे निकले पत्थर में 'क्वारी सैप' (नमी) होता है, जिससे वह नरम रहता है और काटना आसान होता है (सही उत्तर)
- B) क्योंकि पत्थर का रंग उड़ने का डर रहता है
- C) क्योंकि सूखी हवा में पत्थर पिघलने लगता है
- D) क्योंकि बाद में पत्थर का वजन बढ़ जाता है
💡 डिटेल Explanation:
जब पत्थर खदान से निकाला जाता है, तो उसमें जमीन के अंदर की प्राकृतिक नमी मौजूद होती है जिसे 'क्वारी सैप' (Quarry Sap) कहते हैं। इस नमी के कारण पत्थर अपेक्षाकृत नरम (Soft) होता है, जिससे उसे छेनी-हथौड़े से ड्रेस करना आसान होता है और खर्चा कम आता है। हवा में सूखने के बाद पत्थर अत्यधिक कठोर हो जाता है और उसे काटना मुश्किल हो जाता है।
जब पत्थर खदान से निकाला जाता है, तो उसमें जमीन के अंदर की प्राकृतिक नमी मौजूद होती है जिसे 'क्वारी सैप' (Quarry Sap) कहते हैं। इस नमी के कारण पत्थर अपेक्षाकृत नरम (Soft) होता है, जिससे उसे छेनी-हथौड़े से ड्रेस करना आसान होता है और खर्चा कम आता है। हवा में सूखने के बाद पत्थर अत्यधिक कठोर हो जाता है और उसे काटना मुश्किल हो जाता है।
🏆 बिल्डिंग मटेरियल (750 MCQ सीरीज़) - महा-समापन: भाग 148 (Q746 - Q750) 🏆
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Q746: कंक्रीट में 'हनीकॉम्बिंग' (Honeycombing) दोष क्या होता है और इसे कैसे रोका जा सकता है?
- A) कंक्रीट की सतह पर पानी आना; कम पानी मिलाकर रोकें
- ✅ B) कंक्रीट में मोर्टार की कमी से गिट्टी के बीच खाली जगह रह जाना; उचित कुटाई (Compaction) और सही मिक्स डिज़ाइन से रोकें (सही उत्तर)
- C) कंक्रीट में दरारें पड़ना; तराई करके रोकें
- D) कंक्रीट का रंग उड़ना; पेंट करके रोकें
💡 डिटेल Explanation:
जब कंक्रीट में पर्याप्त मोर्टार (सीमेंट और बालू) नहीं होता या वाइब्रेटर से अच्छी तरह कुटाई (Compaction) नहीं की जाती, तो मोटी गिट्टियों के बीच की खाली जगह नहीं भर पाती। इससे कंक्रीट की सतह पर 'मधुमक्खी के छत्ते' (Honeycomb) जैसे गड्ढे बन जाते हैं। यह कंक्रीट को बहुत कमजोर बनाता है और इसे उचित वाइब्रेशन से रोका जा सकता है।
जब कंक्रीट में पर्याप्त मोर्टार (सीमेंट और बालू) नहीं होता या वाइब्रेटर से अच्छी तरह कुटाई (Compaction) नहीं की जाती, तो मोटी गिट्टियों के बीच की खाली जगह नहीं भर पाती। इससे कंक्रीट की सतह पर 'मधुमक्खी के छत्ते' (Honeycomb) जैसे गड्ढे बन जाते हैं। यह कंक्रीट को बहुत कमजोर बनाता है और इसे उचित वाइब्रेशन से रोका जा सकता है।
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Q747: इमारती लकड़ी के विभिन्न दोषों में, लकड़ी के रेशों (Grains) का मुख्य अक्ष से सर्पिलाकार (Spiral) रूप में लिपट जाना क्या कहलाता है, जो लकड़ी की ताकत को काफी कम कर देता है?
- A) केस हार्डनिंग (Case Hardening)
- B) फॉक्सीनेस (Foxiness)
- ✅ C) ट्विस्टेड फाइबर्स (Twisted Fibers) या क्रॉस ग्रेन्स (सही उत्तर)
- D) रिंड गॉल (Rind Gall)
💡 डिटेल Explanation:
जब युवा पेड़ को लगातार एक ही दिशा में तेज हवाओं का सामना करना पड़ता है, तो उसके रेशे सीधे न बढ़कर रस्सी की तरह मुड़ (Twist) जाते हैं। ऐसे ट्विस्टेड फाइबर्स वाली लकड़ी को काटना बहुत मुश्किल होता है और यह वजन सहने में अत्यधिक कमजोर होती है।
जब युवा पेड़ को लगातार एक ही दिशा में तेज हवाओं का सामना करना पड़ता है, तो उसके रेशे सीधे न बढ़कर रस्सी की तरह मुड़ (Twist) जाते हैं। ऐसे ट्विस्टेड फाइबर्स वाली लकड़ी को काटना बहुत मुश्किल होता है और यह वजन सहने में अत्यधिक कमजोर होती है।
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Q748: सीमेंट के 'साउंडनेस' (Soundness) परीक्षण में ली-चेटेलियर उपकरण के सूचकों (Pointers) के बीच की दूरी मापी जाती है। यह उपकरण मुख्य रूप से किस रासायनिक घटक के कारण होने वाले आयतन विस्तार (Volume Expansion) को मापता है?
- ✅ A) केवल मुक्त चूना (Free Lime) (सही उत्तर)
- B) केवल मैग्नीशिया (Magnesia)
- C) जिप्सम (Gypsum)
- D) चूना और मैग्नीशिया दोनों
💡 डिटेल Explanation:
ली-चेटेलियर (Le-Chatelier) उपकरण एक पीतल का सिलेंडर होता है जिसमें दो पॉइंटर्स लगे होते हैं। यह केवल मुक्त चूने (Free lime) के कारण सीमेंट के फूलने को मापता है। OPC के लिए यह फैलाव 10 mm से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि मैग्नीशिया के कारण फैलाव मापना हो, तो 'ऑटोक्लेव टेस्ट' का उपयोग किया जाता है।
ली-चेटेलियर (Le-Chatelier) उपकरण एक पीतल का सिलेंडर होता है जिसमें दो पॉइंटर्स लगे होते हैं। यह केवल मुक्त चूने (Free lime) के कारण सीमेंट के फूलने को मापता है। OPC के लिए यह फैलाव 10 mm से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि मैग्नीशिया के कारण फैलाव मापना हो, तो 'ऑटोक्लेव टेस्ट' का उपयोग किया जाता है।
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Q749: भवन निर्माण में, 'मोर्टार' (Mortar - मसाला) और 'कंक्रीट' (Concrete) के बीच तकनीकी रूप से सबसे मुख्य अंतर क्या है?
- A) मोर्टार पानी में नहीं जमता, कंक्रीट पानी में जमता है
- ✅ B) मोर्टार में केवल फाइन एग्रीगेट (बालू) होता है, जबकि कंक्रीट में फाइन और कोर्स एग्रीगेट (गिट्टी) दोनों होते हैं (सही उत्तर)
- C) मोर्टार में चूने का उपयोग होता है, कंक्रीट में नहीं
- D) मोर्टार अधिक मजबूत होता है
💡 डिटेल Explanation:
मोर्टार (मसाला) = सीमेंट + बालू (Fine Aggregate) + पानी। इसका उपयोग ईंटों को जोड़ने और प्लास्टर करने के लिए किया जाता है।
कंक्रीट = सीमेंट + बालू + गिट्टी (Coarse Aggregate) + पानी। इसका उपयोग मुख्य संरचना (स्लैब, कॉलम) बनाने के लिए किया जाता है जो भारी वजन उठाती है।
मोर्टार (मसाला) = सीमेंट + बालू (Fine Aggregate) + पानी। इसका उपयोग ईंटों को जोड़ने और प्लास्टर करने के लिए किया जाता है।
कंक्रीट = सीमेंट + बालू + गिट्टी (Coarse Aggregate) + पानी। इसका उपयोग मुख्य संरचना (स्लैब, कॉलम) बनाने के लिए किया जाता है जो भारी वजन उठाती है।
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Q750: 🌟 750 MCQ का ऐतिहासिक महा-समापन! 🌟 प्रश्न: सिविल इंजीनियरिंग में, निर्माण सामग्री के रूप में उपयोग होने वाले स्टील (Mild Steel) का 'प्रत्यास्थता मापांक' (Modulus of Elasticity - E) लगभग कितना माना जाता है?
- A) 2 × 10⁴ N/mm²
- B) 2 × 10⁵ kg/cm²
- ✅ C) 2 × 10⁵ N/mm² (या 200 GPa) (सही उत्तर)
- D) 2 × 10⁶ N/mm²
💡 डिटेल Explanation:
स्टील का यंग का प्रत्यास्थता मापांक (Young's Modulus of Elasticity), जो इसकी कठोरता (Stiffness) को मापता है, सभी प्रकार के स्टील (माइल्ड स्टील या हाई यील्ड स्ट्रेंथ स्टील) के लिए लगभग समान होता है। इसका मान 2 × 10⁵ N/mm² (या 200 GPa) माना जाता है। यह कंक्रीट के मापांक से लगभग 10 से 15 गुना अधिक होता है, यही कारण है कि स्टील का उपयोग खिंचाव (Tension) सहन करने के लिए किया जाता है।
स्टील का यंग का प्रत्यास्थता मापांक (Young's Modulus of Elasticity), जो इसकी कठोरता (Stiffness) को मापता है, सभी प्रकार के स्टील (माइल्ड स्टील या हाई यील्ड स्ट्रेंथ स्टील) के लिए लगभग समान होता है। इसका मान 2 × 10⁵ N/mm² (या 200 GPa) माना जाता है। यह कंक्रीट के मापांक से लगभग 10 से 15 गुना अधिक होता है, यही कारण है कि स्टील का उपयोग खिंचाव (Tension) सहन करने के लिए किया जाता है।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 149 (Q751 - Q755)
📌 Exam Tags: SSC JE 2018, UPSSSC JE, DMRC
Q751: सीमेंट के बोग्स यौगिकों (Bogue's Compounds) में 'ट्राईकैल्शियम एल्युमिनेट' (C3A) को किस अन्य तकनीकी नाम से भी जाना जाता है?
- A) एलाइट (Alite)
- B) बेलाइट (Belite)
- ✅ C) सेलाइट (Celite) (सही उत्तर)
- D) फेलाइट (Felite)
💡 डिटेल Explanation:
बोग्स यौगिकों के मानक औद्योगिक नाम इस प्रकार हैं: C3S (Alite - एलाइट), C2S (Belite - बेलाइट), C3A (Celite - सेलाइट), और C4AF (Felite - फेलाइट)। सेलाइट (C3A) पानी के साथ सबसे तेज प्रतिक्रिया करता है और त्वरित जमाव (Flash set) का कारण बनता है।
बोग्स यौगिकों के मानक औद्योगिक नाम इस प्रकार हैं: C3S (Alite - एलाइट), C2S (Belite - बेलाइट), C3A (Celite - सेलाइट), और C4AF (Felite - फेलाइट)। सेलाइट (C3A) पानी के साथ सबसे तेज प्रतिक्रिया करता है और त्वरित जमाव (Flash set) का कारण बनता है।
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Q752: ईंट बनाने वाली मिट्टी में 'मैग्नीशिया' (Magnesia) की थोड़ी सी मात्रा (लगभग 1%) का मुख्य कार्य क्या होता है?
- A) ईंट को चटकने से बचाना
- B) ईंट को सफेद रंग देना
- ✅ C) ईंट को सिकुड़ने से रोकना और उसे हल्का 'पीलापन' (Yellowish tint) प्रदान करना (सही उत्तर)
- D) ईंट का वजन बढ़ाना
💡 डिटेल Explanation:
मैग्नीशिया ईंट की मिट्टी में सिकुड़न (Shrinkage) कम करने में मदद करता है और सबसे खास बात यह है कि यह पकी हुई ईंट को एक हल्का पीला (Yellow tint) रंग देता है। यदि इसकी मात्रा बहुत अधिक हो जाए, तो ईंट का क्षय (Decay) होने लगता है।
मैग्नीशिया ईंट की मिट्टी में सिकुड़न (Shrinkage) कम करने में मदद करता है और सबसे खास बात यह है कि यह पकी हुई ईंट को एक हल्का पीला (Yellow tint) रंग देता है। यदि इसकी मात्रा बहुत अधिक हो जाए, तो ईंट का क्षय (Decay) होने लगता है।
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Q753: इमारती लकड़ी (Timber) के परिरक्षण (Preservation) में उपयोग होने वाला प्रसिद्ध रसायन 'ASCU' (एएससीयू) किन रसायनों का मिश्रण है?
- A) एल्युमिनियम, सल्फेट, कॉपर
- ✅ B) कॉपर (Copper), आर्सेनिक (Arsenic), और क्रोम (Chrome) (सही उत्तर)
- C) अमोनिया, सोडियम, कार्बन
- D) एसिड, सिलिका, क्रोमियम
💡 डिटेल Explanation:
ASCU एक अत्यधिक प्रभावी लकड़ी परिरक्षक (Wood preservative) है। इसे 1 भाग Arsenic pentoxide, 3 भाग Copper sulphate, और 4 भाग Potassium/Sodium dichromate (Chrome) को मिलाकर पानी में घोलकर तैयार किया जाता है। यह लकड़ी को सफेद चींटियों (Termites) और फफूंदी से बचाता है।
ASCU एक अत्यधिक प्रभावी लकड़ी परिरक्षक (Wood preservative) है। इसे 1 भाग Arsenic pentoxide, 3 भाग Copper sulphate, और 4 भाग Potassium/Sodium dichromate (Chrome) को मिलाकर पानी में घोलकर तैयार किया जाता है। यह लकड़ी को सफेद चींटियों (Termites) और फफूंदी से बचाता है।
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Q754: पेंट की गई सतह पर 'ब्लूमिंग' (Blooming) नामक दोष मुख्य रूप से किस कारण उत्पन्न होता है?
- ✅ A) खराब वेंटिलेशन और नमी के कारण पेंट की सतह का धुंधला (Dull) पड़ जाना (सही उत्तर)
- B) पेंट का पपड़ी बनकर झड़ना
- C) धूप के कारण पेंट का रंग उड़ जाना
- D) पेंट में सिकुड़न के कारण दरारें आना
💡 डिटेल Explanation:
जब ताजे पेंट किए गए कमरे में हवा का प्रवाह (Ventilation) सही नहीं होता और वहाँ अत्यधिक नमी या भाप (Dampness/Moisture) होती है, तो पेंट की चमक खत्म हो जाती है और सतह पर एक धुंधला (Dull) या मैला सा धब्बा बन जाता है। इस दोष को ब्लूमिंग (Blooming) कहते हैं।
जब ताजे पेंट किए गए कमरे में हवा का प्रवाह (Ventilation) सही नहीं होता और वहाँ अत्यधिक नमी या भाप (Dampness/Moisture) होती है, तो पेंट की चमक खत्म हो जाती है और सतह पर एक धुंधला (Dull) या मैला सा धब्बा बन जाता है। इस दोष को ब्लूमिंग (Blooming) कहते हैं।
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Q755: बालू (Sand) में नमी के कारण होने वाला 'बल्किंग' (Bulking - आयतन में वृद्धि) सबसे अधिक किस प्रकार की बालू में देखा जाता है?
- A) मोटी बालू (Coarse Sand)
- B) मध्यम बालू (Medium Sand)
- ✅ C) महीन बालू (Fine Sand) (सही उत्तर)
- D) बजरी (Gravel)
💡 डिटेल Explanation:
बालू के कण जितने महीन (Fine) होंगे, उनका कुल सतह क्षेत्रफल (Surface area) उतना ही अधिक होगा। अधिक सतह क्षेत्रफल के कारण नमी की फिल्म ज्यादा बनती है, जिससे महीन बालू (Fine sand) में बल्किंग सबसे अधिक (लगभग 35% से 40% तक) होती है। मोटी बालू में बल्किंग कम होती है।
बालू के कण जितने महीन (Fine) होंगे, उनका कुल सतह क्षेत्रफल (Surface area) उतना ही अधिक होगा। अधिक सतह क्षेत्रफल के कारण नमी की फिल्म ज्यादा बनती है, जिससे महीन बालू (Fine sand) में बल्किंग सबसे अधिक (लगभग 35% से 40% तक) होती है। मोटी बालू में बल्किंग कम होती है।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 150 (Q756 - Q760)
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Q756: 'बिटुमेन' (Bitumen) की श्यानता (गाढ़ेपन) को कम करने के लिए, जब उसमें कोई अत्यधिक वाष्पशील विलायक (Volatile solvent) मिलाया जाता है, तो प्राप्त तरल को क्या कहते हैं?
- A) बिटुमिनस इमल्शन (Bituminous Emulsion)
- ✅ B) कटबैक बिटुमेन (Cutback Bitumen) (सही उत्तर)
- C) रॉक एस्फाल्ट (Rock Asphalt)
- D) कोल टार (Coal Tar)
💡 डिटेल Explanation:
ठंडे मौसम में सामान्य बिटुमेन बहुत कठोर हो जाता है और उसे बिछाना मुश्किल होता है। इसके गाढ़ेपन को कम करने के लिए इसमें नेफ्था, मिट्टी का तेल या डीजल जैसे विलायक मिलाए जाते हैं। इस मिश्रण को कटबैक बिटुमेन (Cutback Bitumen) कहते हैं। उपयोग के बाद विलायक उड़ जाता है और शुद्ध बिटुमेन बच जाता है।
ठंडे मौसम में सामान्य बिटुमेन बहुत कठोर हो जाता है और उसे बिछाना मुश्किल होता है। इसके गाढ़ेपन को कम करने के लिए इसमें नेफ्था, मिट्टी का तेल या डीजल जैसे विलायक मिलाए जाते हैं। इस मिश्रण को कटबैक बिटुमेन (Cutback Bitumen) कहते हैं। उपयोग के बाद विलायक उड़ जाता है और शुद्ध बिटुमेन बच जाता है।
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Q757: फॉल्स सीलिंग (False ceiling) और विभाजन दीवारों में उपयोग होने वाले 'जिप्सम बोर्ड' (Gypsum Board / Plasterboard) का सबसे महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग लाभ क्या है?
- A) यह कंक्रीट से ज्यादा मजबूत होता है
- B) यह पूरी तरह से पारदर्शी होता है
- ✅ C) यह उत्कृष्ट अग्नि प्रतिरोध (Excellent Fire Resistance) प्रदान करता है (सही उत्तर)
- D) यह 100% जलरोधी (Waterproof) है
💡 डिटेल Explanation:
जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में रासायनिक रूप से बंधा हुआ लगभग 21% पानी होता है। जब इस पर आग लगती है, तो यह पानी भाप बनकर निकलता है और आग को आगे बढ़ने से रोकता है। इसी कारण जिप्सम बोर्ड अग्नि प्रतिरोधी (Fire Retardant) सामग्री के रूप में बहुत लोकप्रिय हैं।
जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में रासायनिक रूप से बंधा हुआ लगभग 21% पानी होता है। जब इस पर आग लगती है, तो यह पानी भाप बनकर निकलता है और आग को आगे बढ़ने से रोकता है। इसी कारण जिप्सम बोर्ड अग्नि प्रतिरोधी (Fire Retardant) सामग्री के रूप में बहुत लोकप्रिय हैं।
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Q758: भवन निर्माण सामग्री के रूप में उपयोग होने वाले 'कांच' (Glass) के निर्माण में सबसे मुख्य और आवश्यक कच्चा माल (Raw material) कौन सा है?
- ✅ A) सिलिका या शुद्ध सफेद बालू (Silica / Sand) (सही उत्तर)
- B) एल्युमिना (Alumina)
- C) जिप्सम (Gypsum)
- D) बॉक्साइट (Bauxite)
💡 डिटेल Explanation:
कांच (Glass) बनाने का मुख्य आधार सिलिका (SiO₂) होता है, जो शुद्ध सफेद बालू (White quartz sand) से प्राप्त होता है। सिलिका को पिघलाने के लिए उसमें सोडा ऐश (Sodium carbonate) और चूना पत्थर (Limestone) मिलाया जाता है और उच्च तापमान पर भट्ठे में पकाया जाता है।
कांच (Glass) बनाने का मुख्य आधार सिलिका (SiO₂) होता है, जो शुद्ध सफेद बालू (White quartz sand) से प्राप्त होता है। सिलिका को पिघलाने के लिए उसमें सोडा ऐश (Sodium carbonate) और चूना पत्थर (Limestone) मिलाया जाता है और उच्च तापमान पर भट्ठे में पकाया जाता है।
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Q759: कंक्रीट मिश्रण में 'फ्लाई ऐश' (Fly Ash) मिलाने से कंक्रीट के जल-अनुपात (Water Demand) और जलयोजन ऊष्मा (Heat of Hydration) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- A) दोनों बढ़ जाते हैं
- ✅ B) पानी की आवश्यकता कम हो जाती है और जलयोजन ऊष्मा भी कम होती है (सही उत्तर)
- C) पानी की आवश्यकता बढ़ती है, लेकिन ऊष्मा कम होती है
- D) दोनों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
💡 डिटेल Explanation:
फ्लाई ऐश के कण गोलाकार (Spherical) होते हैं, जो कंक्रीट में बॉल-बेयरिंग की तरह काम करते हैं। इससे कंक्रीट की सुकार्यता बढ़ती है और पानी की आवश्यकता कम होती है। इसके अलावा, यह एक पोज़ोलानिक पदार्थ है जो सीमेंट की तुलना में बहुत धीमी प्रतिक्रिया करता है, जिससे जलयोजन ऊष्मा (Heat) काफी कम हो जाती है।
फ्लाई ऐश के कण गोलाकार (Spherical) होते हैं, जो कंक्रीट में बॉल-बेयरिंग की तरह काम करते हैं। इससे कंक्रीट की सुकार्यता बढ़ती है और पानी की आवश्यकता कम होती है। इसके अलावा, यह एक पोज़ोलानिक पदार्थ है जो सीमेंट की तुलना में बहुत धीमी प्रतिक्रिया करता है, जिससे जलयोजन ऊष्मा (Heat) काफी कम हो जाती है।
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Q760: 🌟 760 MCQ का ग्रैंड बोनस एंड! 🌟 प्रश्न: इंजीनियरिंग डिजाइन में, 'कंक्रीट' (Concrete) का 'पॉइसन अनुपात' (Poisson's Ratio - μ) सामान्यतः किस सीमा के बीच माना जाता है?
- A) 0.05 से 0.10
- ✅ B) 0.15 से 0.20 (सही उत्तर)
- C) 0.25 से 0.33
- D) 0.50 (स्थिर)
💡 डिटेल Explanation:
पॉइसन अनुपात पार्श्विक विकृति (Lateral strain) और अनुदैर्ध्य विकृति (Longitudinal strain) का अनुपात है। कंक्रीट के लिए यह मान सामान्यतः 0.15 से 0.20 के बीच माना जाता है (उच्च शक्ति वाली कंक्रीट के लिए यह 0.15 और कमजोर कंक्रीट के लिए 0.20 होता है)। स्टील का पॉइसन अनुपात 0.25 से 0.33 के बीच होता है।
पॉइसन अनुपात पार्श्विक विकृति (Lateral strain) और अनुदैर्ध्य विकृति (Longitudinal strain) का अनुपात है। कंक्रीट के लिए यह मान सामान्यतः 0.15 से 0.20 के बीच माना जाता है (उच्च शक्ति वाली कंक्रीट के लिए यह 0.15 और कमजोर कंक्रीट के लिए 0.20 होता है)। स्टील का पॉइसन अनुपात 0.25 से 0.33 के बीच होता है।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 151 (Q761 - Q765)
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Q761: कंक्रीट की सुकार्यता (Workability) मापने के लिए किए जाने वाले 'स्लंप टेस्ट' (Slump Test) में उपयोग किए जाने वाले धातु के मोल्ड (Cone) का ज्यामितीय आकार क्या होता है?
- A) पूर्ण शंकु (Perfect Cone)
- B) बेलन (Cylinder)
- ✅ C) शंकु छिन्नक (Frustum of a cone) (सही उत्तर)
- D) घनाभ (Cuboid)
💡 डिटेल Explanation:
स्लंप मोल्ड ऊपर से कटा हुआ एक शंकु होता है, जिसे ज्यामिति की भाषा में 'शंकु छिन्नक' (Frustum of a cone) कहा जाता है। इसके आयाम मानकीकृत होते हैं: शीर्ष का व्यास 10 cm, आधार का व्यास 20 cm, और ऊंचाई 30 cm होती है।
स्लंप मोल्ड ऊपर से कटा हुआ एक शंकु होता है, जिसे ज्यामिति की भाषा में 'शंकु छिन्नक' (Frustum of a cone) कहा जाता है। इसके आयाम मानकीकृत होते हैं: शीर्ष का व्यास 10 cm, आधार का व्यास 20 cm, और ऊंचाई 30 cm होती है।
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Q762: सीमेंट के 'साउंडनेस' (Soundness) परीक्षण के लिए प्रयुक्त 'ली-चेटेलियर' (Le-Chatelier) मोल्ड के पीतल के स्प्लिट सिलेंडर का आंतरिक व्यास (Internal Diameter) कितना होता है?
- A) 10 mm
- B) 20 mm
- ✅ C) 30 mm (सही उत्तर)
- D) 50 mm
💡 डिटेल Explanation:
ली-चेटेलियर उपकरण एक छोटा पीतल का सिलेंडर होता है जिसमें एक चीरा (Split) लगा होता है। इसका आंतरिक व्यास 30 mm और ऊंचाई भी 30 mm होती है। इसके स्प्लिट वाले हिस्से पर दो इंडिकेटर पॉइंटर्स लगे होते हैं जिनकी लंबाई सिलेंडर के केंद्र से 165 mm होती है।
ली-चेटेलियर उपकरण एक छोटा पीतल का सिलेंडर होता है जिसमें एक चीरा (Split) लगा होता है। इसका आंतरिक व्यास 30 mm और ऊंचाई भी 30 mm होती है। इसके स्प्लिट वाले हिस्से पर दो इंडिकेटर पॉइंटर्स लगे होते हैं जिनकी लंबाई सिलेंडर के केंद्र से 165 mm होती है।
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Q763: मानक मॉड्यूलर ईंटों (Standard Modular Bricks) का उपयोग करते हुए, 1 घन मीटर (1 m³) ईंट की चिनाई (Brick Masonry) में मोर्टार के साथ लगभग कितनी ईंटों की आवश्यकता होती है?
- A) 400 ईंटें
- B) 450 ईंटें
- ✅ C) 500 ईंटें (सही उत्तर)
- D) 550 ईंटें
💡 डिटेल Explanation:
मोर्टार के साथ एक मॉड्यूलर ईंट का नाममात्र आकार (Nominal size) 20 cm × 10 cm × 10 cm (यानी 0.2 m × 0.1 m × 0.1 m) होता है। 1 ईंट का आयतन = 0.002 m³ होगा।
इसलिए 1 m³ चिनाई के लिए ईंटों की संख्या = 1 / 0.002 = 500 ईंटें। एस्टीमेटिंग के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण मानक है।
मोर्टार के साथ एक मॉड्यूलर ईंट का नाममात्र आकार (Nominal size) 20 cm × 10 cm × 10 cm (यानी 0.2 m × 0.1 m × 0.1 m) होता है। 1 ईंट का आयतन = 0.002 m³ होगा।
इसलिए 1 m³ चिनाई के लिए ईंटों की संख्या = 1 / 0.002 = 500 ईंटें। एस्टीमेटिंग के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण मानक है।
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Q764: वनस्पति विज्ञान और इमारती लकड़ी (Timber) के वर्गीकरण के अनुसार, 'बांस' (Bamboo), 'बेंत' (Cane) और 'ताड़' (Palm) किस प्रकार के वृक्षों की श्रेणी में आते हैं?
- A) बहिर्जात वृक्ष (Exogenous trees)
- ✅ B) अंतर्जात वृक्ष (Endogenous trees) (सही उत्तर)
- C) शंकुधारी वृक्ष (Coniferous trees)
- D) पर्णपाती वृक्ष (Deciduous trees)
💡 डिटेल Explanation:
पेड़ों को उनके बढ़ने के तरीके से 2 भागों में बांटा जाता है। जो पेड़ हर साल बाहर की तरफ बढ़ते हैं (जैसे सागौन, शीशम, चीड़) उन्हें Exogenous कहते हैं। लेकिन जो पौधे अंदर की तरफ बढ़ते हैं और जिनका तना एक समान मोटा और लचीला होता है, उन्हें अंतर्जात (Endogenous) वृक्ष कहते हैं। बांस, बेंत और ताड़ इसके मुख्य इंजीनियरिंग उदाहरण हैं।
पेड़ों को उनके बढ़ने के तरीके से 2 भागों में बांटा जाता है। जो पेड़ हर साल बाहर की तरफ बढ़ते हैं (जैसे सागौन, शीशम, चीड़) उन्हें Exogenous कहते हैं। लेकिन जो पौधे अंदर की तरफ बढ़ते हैं और जिनका तना एक समान मोटा और लचीला होता है, उन्हें अंतर्जात (Endogenous) वृक्ष कहते हैं। बांस, बेंत और ताड़ इसके मुख्य इंजीनियरिंग उदाहरण हैं।
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Q765: 765 MCQ का माइलस्टोन! प्रश्न: सजावटी कार्यों (Ornamental works) और मूर्तिकला के लिए कौन सा पत्थर सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इसे आसानी से किसी भी आकार में तराशा जा सकता है?
- A) ग्रेनाइट (Granite)
- B) बेसाल्ट (Basalt)
- C) स्लेट (Slate)
- ✅ D) संगमरमर (Marble) (सही उत्तर)
💡 डिटेल Explanation:
संगमरमर (Marble) एक कायांतरित चट्टान है जिसे बहुत आसानी से पॉलिश किया जा सकता है और किसी भी जटिल आकार में काटा या तराशा जा सकता है। अपनी सुंदरता और आसानी से ड्रेस होने की खूबी के कारण ही इसका उपयोग मूर्तियों, स्मारकों और मंदिरों (जैसे ताजमहल) में सजावटी कार्यों के लिए बहुतायत से किया जाता है।
संगमरमर (Marble) एक कायांतरित चट्टान है जिसे बहुत आसानी से पॉलिश किया जा सकता है और किसी भी जटिल आकार में काटा या तराशा जा सकता है। अपनी सुंदरता और आसानी से ड्रेस होने की खूबी के कारण ही इसका उपयोग मूर्तियों, स्मारकों और मंदिरों (जैसे ताजमहल) में सजावटी कार्यों के लिए बहुतायत से किया जाता है।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 152 (Q766 - Q770)
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Q766: दरवाजे, खिड़कियों और महंगे धातु के उपकरणों पर चमकदार परत चढ़ाने के लिए उपयोग होने वाले 'इनेमल पेंट' (Enamel Paint) के निर्माण में 'वाहन' (Vehicle / Binder) के रूप में किसका उपयोग किया जाता है?
- A) अलसी का तेल (Linseed Oil)
- ✅ B) वार्निश (Varnish) (सही उत्तर)
- C) पानी (Water)
- D) तारपीन का तेल (Turpentine)
💡 डिटेल Explanation:
साधारण ऑयल पेंट में बेस को अलसी के तेल (Linseed oil) में मिलाया जाता है, लेकिन इनेमल पेंट (Enamel paint) में बेस (जैसे व्हाइट लेड या जिंक ऑक्साइड) को वार्निश (Varnish) में मिलाया जाता है। वार्निश की उपस्थिति के कारण ही सूखने के बाद इनेमल पेंट एक अत्यधिक कठोर, चमकदार और चिकनी (Glossy) फिनिश देता है।
साधारण ऑयल पेंट में बेस को अलसी के तेल (Linseed oil) में मिलाया जाता है, लेकिन इनेमल पेंट (Enamel paint) में बेस (जैसे व्हाइट लेड या जिंक ऑक्साइड) को वार्निश (Varnish) में मिलाया जाता है। वार्निश की उपस्थिति के कारण ही सूखने के बाद इनेमल पेंट एक अत्यधिक कठोर, चमकदार और चिकनी (Glossy) फिनिश देता है।
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Q767: भारतीय मानक (IS 456) के अनुसार, समुद्री जल (Sea water) के सीधे संपर्क में आने वाले प्रबलित कंक्रीट (RCC) कार्यों के लिए कंक्रीट का न्यूनतम अनुशंसित ग्रेड क्या होना चाहिए?
- A) M20
- B) M25
- ✅ C) M30 (सही उत्तर)
- D) M40
💡 डिटेल Explanation:
समुद्री जल में सल्फेट्स और क्लोराइड्स होते हैं जो कंक्रीट और स्टील को भारी नुकसान (Severe exposure condition) पहुँचा सकते हैं। IS 456 के अनुसार, समुद्र के पानी के संपर्क में आने वाले सादे कंक्रीट (PCC) के लिए न्यूनतम ग्रेड M20 और प्रबलित कंक्रीट (RCC) के लिए न्यूनतम ग्रेड M30 होना अनिवार्य है।
समुद्री जल में सल्फेट्स और क्लोराइड्स होते हैं जो कंक्रीट और स्टील को भारी नुकसान (Severe exposure condition) पहुँचा सकते हैं। IS 456 के अनुसार, समुद्र के पानी के संपर्क में आने वाले सादे कंक्रीट (PCC) के लिए न्यूनतम ग्रेड M20 और प्रबलित कंक्रीट (RCC) के लिए न्यूनतम ग्रेड M30 होना अनिवार्य है।
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Q768: एक अच्छी और पूरी तरह से पकी हुई ईंट (Good First Class Brick) को लगभग 1 मीटर की ऊँचाई से किसी अन्य ईंट पर या कठोर सतह पर गिराने पर क्या होना चाहिए?
- A) वह बीच से दो हिस्सों में टूट जानी चाहिए
- B) वह मिट्टी के पाउडर में बिखर जानी चाहिए
- ✅ C) उसे टूटना नहीं चाहिए और टकराने पर स्पष्ट धातु जैसी ध्वनि (Metallic ringing sound) आनी चाहिए (सही उत्तर)
- D) उसे टकराने पर 'डब' (Dull) सी आवाज करनी चाहिए
💡 डिटेल Explanation:
यह फील्ड में ईंट की गुणवत्ता जांचने का सबसे व्यावहारिक तरीका है। प्रथम श्रेणी की अच्छी ईंट बहुत कठोर और ठोस होती है। जब दो अच्छी ईंटों को आपस में टकराया जाता है या 1 मीटर से गिराया जाता है, तो वे टूटनी नहीं चाहिए और उनमें से धातु के टकराने जैसी स्पष्ट ध्वनि (Clear metallic ringing sound) आनी चाहिए।
यह फील्ड में ईंट की गुणवत्ता जांचने का सबसे व्यावहारिक तरीका है। प्रथम श्रेणी की अच्छी ईंट बहुत कठोर और ठोस होती है। जब दो अच्छी ईंटों को आपस में टकराया जाता है या 1 मीटर से गिराया जाता है, तो वे टूटनी नहीं चाहिए और उनमें से धातु के टकराने जैसी स्पष्ट ध्वनि (Clear metallic ringing sound) आनी चाहिए।
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Q769: प्लाइवुड और लेमिनेटेड बोर्ड बनाने के लिए लकड़ी के लट्ठों से मशीन द्वारा जो बहुत पतली परतें (0.4 mm से 6 mm तक) छीली जाती हैं, उन्हें तकनीकी भाषा में क्या कहा जाता है?
- A) बैटन (Batten)
- B) बोर्ड (Board)
- ✅ C) विनियर (Veneer) (सही उत्तर)
- D) प्लैंक (Plank)
💡 डिटेल Explanation:
जब लकड़ी के बेलनाकार तने (Log) को एक रोटरी मशीन पर घुमाकर चाकू से छीलकर बहुत पतली चादरें निकाली जाती हैं, तो उन्हें विनियर (Veneer) कहा जाता है। इन्हीं विनियर्स को 3, 5 या 7 की विषम संख्या में आपस में समकोण पर गोंद से चिपकाकर मजबूत 'प्लाइवुड' तैयार किया जाता है।
जब लकड़ी के बेलनाकार तने (Log) को एक रोटरी मशीन पर घुमाकर चाकू से छीलकर बहुत पतली चादरें निकाली जाती हैं, तो उन्हें विनियर (Veneer) कहा जाता है। इन्हीं विनियर्स को 3, 5 या 7 की विषम संख्या में आपस में समकोण पर गोंद से चिपकाकर मजबूत 'प्लाइवुड' तैयार किया जाता है।
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Q770: 🌟 770 MCQ का बोनस माइलस्टोन! 🌟 प्रश्न: प्रयोगशाला में सीमेंट की 'तनन सामर्थ्य' (Tensile Strength) का परीक्षण करने के लिए मोर्टार (सीमेंट और बालू) के किस विशेष आकार के सांचे (Mould) का उपयोग किया जाता है?
- ✅ A) ब्रिकेट (Briquette / 8 आकार का सांचा) (सही उत्तर)
- B) सिलेंडर (Cylinder)
- C) क्यूब (Cube - 70.6 mm)
- D) प्रिज्म (Prism)
💡 डिटेल Explanation:
सीमेंट की तनन सामर्थ्य (Direct Tensile Strength) मापने के लिए 1:3 के अनुपात वाले मोर्टार का उपयोग करके एक विशेष डंबल या 8-आकार (Figure of 8) का नमूना तैयार किया जाता है, जिसे 'ब्रिकेट' (Briquette) कहते हैं। इसका मध्य क्रॉस-सेक्शनल एरिया 6.45 cm² (1 square inch) होता है। इसे टेंसाइल टेस्टिंग मशीन के जबड़ों में फंसाकर खींचा जाता है।
सीमेंट की तनन सामर्थ्य (Direct Tensile Strength) मापने के लिए 1:3 के अनुपात वाले मोर्टार का उपयोग करके एक विशेष डंबल या 8-आकार (Figure of 8) का नमूना तैयार किया जाता है, जिसे 'ब्रिकेट' (Briquette) कहते हैं। इसका मध्य क्रॉस-सेक्शनल एरिया 6.45 cm² (1 square inch) होता है। इसे टेंसाइल टेस्टिंग मशीन के जबड़ों में फंसाकर खींचा जाता है।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 153 (Q771 - Q775)
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Q771: भारतीय मानक (IS 456) के अनुसार, कंक्रीट की 'नमन तनन सामर्थ्य' (Flexural Tensile Strength / Modulus of Rupture - fcr) की गणना करने का सूत्र क्या है?
- A) fcr = 0.5 √fck
- ✅ B) fcr = 0.7 √fck (सही उत्तर)
- C) fcr = 5000 √fck
- D) fcr = 0.87 fy
💡 डिटेल Explanation:
कंक्रीट मुख्य रूप से संपीडन (Compression) में मजबूत होती है, लेकिन उसमें थोड़ी तनन सामर्थ्य (Tensile strength) भी होती है, जिसे झुकने (Bending/Flexure) के दौरान मापा जाता है। IS 456 के क्लॉज़ 6.2.2 के अनुसार, इसे fcr = 0.7 √fck N/mm² सूत्र से निकाला जाता है, जहाँ fck कंक्रीट की अभिलाक्षणिक संपीडन सामर्थ्य है।
कंक्रीट मुख्य रूप से संपीडन (Compression) में मजबूत होती है, लेकिन उसमें थोड़ी तनन सामर्थ्य (Tensile strength) भी होती है, जिसे झुकने (Bending/Flexure) के दौरान मापा जाता है। IS 456 के क्लॉज़ 6.2.2 के अनुसार, इसे fcr = 0.7 √fck N/mm² सूत्र से निकाला जाता है, जहाँ fck कंक्रीट की अभिलाक्षणिक संपीडन सामर्थ्य है।
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Q772: ईंट के ऊपरी सतह पर जो एक आयताकार गड्ढा (Depression) बनाया जाता है जिसे 'फ्रॉग' (Frog) कहते हैं, उसका मुख्य इंजीनियरिंग उद्देश्य क्या होता है?
- A) ईंट का वजन कम करना
- B) निर्माता (Company) का नाम छापना
- ✅ C) मोर्टार के लिए एक 'कुंजी' (Key) या इंटरलॉकिंग जोड़ बनाना (सही उत्तर)
- D) ईंट को भट्ठे में जल्दी पकाना
💡 डिटेल Explanation:
ईंट का 'फ्रॉग' सामान्यतः 10-20 mm गहरा होता है। हालांकि इसमें अक्सर कंपनी का नाम छपा होता है, लेकिन इसका मुख्य तकनीकी उद्देश्य मोर्टार (मसाले) के लिए एक Key (कुंजी) प्रदान करना है। जब इस गड्ढे में मोर्टार भरता है, तो यह ऊपर और नीचे की ईंटों के बीच एक मजबूत शीयर जॉइंट (Shear joint) बनाता है।
ईंट का 'फ्रॉग' सामान्यतः 10-20 mm गहरा होता है। हालांकि इसमें अक्सर कंपनी का नाम छपा होता है, लेकिन इसका मुख्य तकनीकी उद्देश्य मोर्टार (मसाले) के लिए एक Key (कुंजी) प्रदान करना है। जब इस गड्ढे में मोर्टार भरता है, तो यह ऊपर और नीचे की ईंटों के बीच एक मजबूत शीयर जॉइंट (Shear joint) बनाता है।
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Q773: खनिजों और भवन निर्माण पत्थरों की 'कठोरता' (Hardness) यानी खरोंच के प्रति प्रतिरोध (Resistance to scratching) मापने के लिए किस मानक पैमाने (Scale) का उपयोग किया जाता है?
- A) रिक्टर स्केल (Richter Scale)
- ✅ B) मोह का पैमाना (Mohs Scale) (सही उत्तर)
- C) रॉकवेल स्केल (Rockwell Scale)
- D) ब्रिनेल पैमाना (Brinell Scale)
💡 डिटेल Explanation:
खनिजों की कठोरता मापने के लिए मोह का पैमाना (Mohs Scale of Hardness) इस्तेमाल होता है। यह 1 से 10 तक होता है। इसमें सबसे मुलायम खनिज 'टैल्क' (Talc) को 1, 'क्वार्ट्ज' (Quartz) को 7, और दुनिया के सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ 'हीरा' (Diamond) को 10 की रेटिंग दी गई है।
खनिजों की कठोरता मापने के लिए मोह का पैमाना (Mohs Scale of Hardness) इस्तेमाल होता है। यह 1 से 10 तक होता है। इसमें सबसे मुलायम खनिज 'टैल्क' (Talc) को 1, 'क्वार्ट्ज' (Quartz) को 7, और दुनिया के सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ 'हीरा' (Diamond) को 10 की रेटिंग दी गई है।
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Q774: बहते पानी (Running water) के नीचे निर्माण कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले 'त्वरित जमाव सीमेंट' (Quick Setting Cement) का 'प्रारंभिक जमाव काल' (Initial Setting Time) कितना होता है?
- ✅ A) 5 मिनट (सही उत्तर)
- B) 30 मिनट
- C) 60 मिनट
- D) 10 घंटे
💡 डिटेल Explanation:
क्विक सेटिंग सीमेंट का उपयोग अंडरवाटर कंक्रीटिंग के लिए किया जाता है ताकि कंक्रीट पानी में बहे नहीं। जिप्सम की मात्रा कम करके और एल्युमिनियम सल्फेट मिलाकर इसे बनाया जाता है। इसका प्रारंभिक जमाव काल केवल 5 मिनट और अंतिम जमाव काल 30 मिनट होता है।
क्विक सेटिंग सीमेंट का उपयोग अंडरवाटर कंक्रीटिंग के लिए किया जाता है ताकि कंक्रीट पानी में बहे नहीं। जिप्सम की मात्रा कम करके और एल्युमिनियम सल्फेट मिलाकर इसे बनाया जाता है। इसका प्रारंभिक जमाव काल केवल 5 मिनट और अंतिम जमाव काल 30 मिनट होता है।
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Q775: 775 MCQ का माइलस्टोन! प्रश्न: इमारती लकड़ी (Timber) में 'ड्राई रॉट' (Dry Rot) नामक गंभीर दोष मुख्य रूप से किस कारण उत्पन्न होता है?
- A) दीमक (Termites) के खाने से
- ✅ B) हवा के अपर्याप्त प्रवाह (Lack of ventilation) और नमी के कारण लगने वाली फफूंदी (Fungi) से (सही उत्तर)
- C) लकड़ी को बहुत अधिक तेज धूप में सुखाने से
- D) पेड़ के प्राकृतिक रूप से बूढ़ा होने से
💡 डिटेल Explanation:
'ड्राई रॉट' नाम भ्रामक है क्योंकि यह सूखी लकड़ी में नहीं होता। यह दोष हवा की कमी (Unventilated places) और सीलन वाली जगहों (जैसे बेसमेंट) पर रखी लकड़ी में होता है। कुछ विशेष फफूंदी (Fungi) लकड़ी के सेल्युलोज को खा जाती हैं और उसे सूखे पाउडर (Dry powder) में बदल देती हैं।
'ड्राई रॉट' नाम भ्रामक है क्योंकि यह सूखी लकड़ी में नहीं होता। यह दोष हवा की कमी (Unventilated places) और सीलन वाली जगहों (जैसे बेसमेंट) पर रखी लकड़ी में होता है। कुछ विशेष फफूंदी (Fungi) लकड़ी के सेल्युलोज को खा जाती हैं और उसे सूखे पाउडर (Dry powder) में बदल देती हैं।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 154 (Q776 - Q780)
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Q776: प्रयोगशाला में सीमेंट की 'संपीडन सामर्थ्य' (Compressive Strength) का परीक्षण करने के लिए बनाए जाने वाले मोर्टार क्यूब में सीमेंट और मानक बालू (Standard Sand) का अनुपात क्या रखा जाता है?
- A) 1:1
- B) 1:2
- ✅ C) 1:3 (सही उत्तर)
- D) 1:4
💡 डिटेल Explanation:
सीमेंट की ताकत अकेले कभी नहीं मापी जाती क्योंकि वह बहुत ज्यादा सिकुड़ता है। परीक्षण के लिए 70.6 mm आकार का मोर्टार क्यूब बनाया जाता है, जिसमें 1 भाग सीमेंट और 3 भाग एन्नोर बालू (Ennore Sand) वजन के हिसाब से मिलाया जाता है (अनुपात 1:3)।
सीमेंट की ताकत अकेले कभी नहीं मापी जाती क्योंकि वह बहुत ज्यादा सिकुड़ता है। परीक्षण के लिए 70.6 mm आकार का मोर्टार क्यूब बनाया जाता है, जिसमें 1 भाग सीमेंट और 3 भाग एन्नोर बालू (Ennore Sand) वजन के हिसाब से मिलाया जाता है (अनुपात 1:3)।
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Q777: IS 456 के अनुसार, परीक्षण के लिए कंक्रीट या सीमेंट के नमूनों (Cubes) को 'तराई' (Curing) के दौरान जिस पानी में डुबोकर रखा जाता है, उसका मानक तापमान (Standard Temperature) कितना होना चाहिए?
- A) 20 ± 2 °C
- ✅ B) 27 ± 2 °C (सही उत्तर)
- C) 30 ± 2 °C
- D) 35 ± 2 °C
💡 डिटेल Explanation:
कंक्रीट की ताकत तापमान पर बहुत निर्भर करती है। परीक्षण परिणामों में एकरूपता (Uniformity) लाने के लिए, भारतीय मानकों के अनुसार क्यूब्स को 27 ± 2 °C (यानी 25°C से 29°C के बीच) के तापमान वाले साफ पानी में 7 या 28 दिनों तक डुबो कर रखा जाता है।
कंक्रीट की ताकत तापमान पर बहुत निर्भर करती है। परीक्षण परिणामों में एकरूपता (Uniformity) लाने के लिए, भारतीय मानकों के अनुसार क्यूब्स को 27 ± 2 °C (यानी 25°C से 29°C के बीच) के तापमान वाले साफ पानी में 7 या 28 दिनों तक डुबो कर रखा जाता है।
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Q778: भारतीय मानकों के अनुसार 'प्रथम श्रेणी की ईंट' (First Class Brick) को 24 घंटे ठंडे पानी में डुबोने पर उसका 'जल अवशोषण' (Water Absorption) उसके सूखे वजन के कितने प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए?
- A) 15%
- ✅ B) 20% (सही उत्तर)
- C) 22%
- D) 25%
💡 डिटेल Explanation:
ईंट का जल अवशोषण उसकी सरंध्रता (Porosity) को दर्शाता है। यह जितना कम होगा, ईंट उतनी मजबूत होगी।
• प्रथम श्रेणी (1st Class) = 20% से अधिक नहीं
• द्वितीय श्रेणी (2nd Class) = 22% से अधिक नहीं
• तृतीय श्रेणी (3rd Class) = 25% से अधिक नहीं।
ईंट का जल अवशोषण उसकी सरंध्रता (Porosity) को दर्शाता है। यह जितना कम होगा, ईंट उतनी मजबूत होगी।
• प्रथम श्रेणी (1st Class) = 20% से अधिक नहीं
• द्वितीय श्रेणी (2nd Class) = 22% से अधिक नहीं
• तृतीय श्रेणी (3rd Class) = 25% से अधिक नहीं।
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Q779: पेंट के निर्माण में 'अलसी के तेल' (Linseed Oil) का उपयोग मुख्य रूप से किस घटक के रूप में किया जाता है?
- A) बेस (Base)
- ✅ B) वाहन / ड्रायिंग ऑयल (Vehicle / Drying Oil) (सही उत्तर)
- C) थिनर (Thinner)
- D) पिगमेंट (Pigment)
💡 डिटेल Explanation:
अलसी का तेल (Linseed Oil) ऑयल पेंट में वाहन (Vehicle) का कार्य करता है। यह पेंट के बेस और पिगमेंट को घोलकर निलंबन (Suspension) में रखता है ताकि उन्हें सतह पर आसानी से फैलाया जा सके। हवा के संपर्क में आने पर यह ऑक्सीकृत होकर एक कठोर, पारदर्शी और सुरक्षात्मक फिल्म में बदल जाता है।
अलसी का तेल (Linseed Oil) ऑयल पेंट में वाहन (Vehicle) का कार्य करता है। यह पेंट के बेस और पिगमेंट को घोलकर निलंबन (Suspension) में रखता है ताकि उन्हें सतह पर आसानी से फैलाया जा सके। हवा के संपर्क में आने पर यह ऑक्सीकृत होकर एक कठोर, पारदर्शी और सुरक्षात्मक फिल्म में बदल जाता है।
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Q780: 🌟 780 MCQ का शानदार माइलस्टोन! 🌟 प्रश्न: जिप्सम (Gypsum) को 120°C तक गर्म करने पर वह अपना कुछ पानी खो देता है और 'प्लास्टर ऑफ पेरिस' (Plaster of Paris - POP) बन जाता है। इस POP का रासायनिक सूत्र क्या है?
- A) CaSO4·2H2O
- ✅ B) CaSO4·&frac{1}{2}H2O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट) (सही उत्तर)
- C) CaCO3
- D) CaO
💡 डिटेल Explanation:
प्राकृतिक जिप्सम का सूत्र CaSO4·2H2O होता है। जब इसे सावधानीपूर्वक 120°C पर गर्म किया जाता है, तो इसके 3/4 भाग क्रिस्टलीकरण का पानी उड़ जाता है, और जो सफेद पाउडर बचता है उसे प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO4·&frac{1}{2}H2O) कहते हैं। इसमें पानी मिलाते ही यह वापस कठोर जिप्सम में बदल जाता है।
प्राकृतिक जिप्सम का सूत्र CaSO4·2H2O होता है। जब इसे सावधानीपूर्वक 120°C पर गर्म किया जाता है, तो इसके 3/4 भाग क्रिस्टलीकरण का पानी उड़ जाता है, और जो सफेद पाउडर बचता है उसे प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO4·&frac{1}{2}H2O) कहते हैं। इसमें पानी मिलाते ही यह वापस कठोर जिप्सम में बदल जाता है।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 155 (Q781 - Q785)
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Q781: एक पेड़ के तने (Trunk) के क्रॉस-सेक्शन में, सबसे भीतरी या केंद्रीय भाग (Innermost central part) को तकनीकी रूप से क्या कहा जाता है?
- A) हार्टवुड (Heartwood)
- B) सैपवुड (Sapwood)
- ✅ C) पिथ या मज्जा (Pith / Medulla) (सही उत्तर)
- D) कैम्बियम लेयर (Cambium layer)
💡 डिटेल Explanation:
पेड़ के तने का सबसे केंद्रीय भाग पिथ (Pith) या मज्जा (Medulla) कहलाता है। यह पेड़ का सबसे पुराना हिस्सा होता है, जो युवा अवस्था में पेड़ को पोषण देता है। जैसे-जैसे पेड़ बड़ा होता है, पिथ सूखकर मृत हो जाता है और इसके चारों ओर हार्टवुड का निर्माण होता है।
पेड़ के तने का सबसे केंद्रीय भाग पिथ (Pith) या मज्जा (Medulla) कहलाता है। यह पेड़ का सबसे पुराना हिस्सा होता है, जो युवा अवस्था में पेड़ को पोषण देता है। जैसे-जैसे पेड़ बड़ा होता है, पिथ सूखकर मृत हो जाता है और इसके चारों ओर हार्टवुड का निर्माण होता है।
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Q782: साधारण पोर्टलैंड सीमेंट (OPC) के लिए 'ली-चेटेलियर' (Le-Chatelier) परीक्षण में फैलाव (Expansion) की अधिकतम अनुमेय सीमा कितनी होती है?
- A) 5 mm
- ✅ B) 10 mm (सही उत्तर)
- C) 15 mm
- D) 20 mm
💡 डिटेल Explanation:
ली-चेटेलियर परीक्षण सीमेंट की 'निर्दोषता' (Soundness) या मुक्त चूने (Free Lime) के कारण होने वाले आयतन विस्तार को मापता है। भारतीय मानकों (IS 269) के अनुसार, साधारण पोर्टलैंड सीमेंट (OPC) के लिए यह विस्तार (Expansion) 10 mm से अधिक नहीं होना चाहिए।
ली-चेटेलियर परीक्षण सीमेंट की 'निर्दोषता' (Soundness) या मुक्त चूने (Free Lime) के कारण होने वाले आयतन विस्तार को मापता है। भारतीय मानकों (IS 269) के अनुसार, साधारण पोर्टलैंड सीमेंट (OPC) के लिए यह विस्तार (Expansion) 10 mm से अधिक नहीं होना चाहिए।
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Q783: IS 456:2000 के अनुसार, कंक्रीट के अल्पकालिक 'प्रत्यास्थता मापांक' (Short-term Modulus of Elasticity - Ec) की गणना करने का सूत्र क्या है?
- ✅ A) Ec = 5000 √fck (सही उत्तर)
- B) Ec = 5700 √fck
- C) Ec = 0.7 √fck
- D) Ec = 500 √fck
💡 डिटेल Explanation:
कंक्रीट की कठोरता (Stiffness) को उसके प्रत्यास्थता मापांक (Ec) द्वारा दर्शाया जाता है। पुराने IS 456:1978 कोड में यह 5700 √fck था, लेकिन आधुनिक IS 456:2000 कोड के अनुसार इसे संशोधित करके Ec = 5000 √fck (N/mm²) कर दिया गया है। (जहाँ fck कंक्रीट की अभिलाक्षणिक सामर्थ्य है)।
कंक्रीट की कठोरता (Stiffness) को उसके प्रत्यास्थता मापांक (Ec) द्वारा दर्शाया जाता है। पुराने IS 456:1978 कोड में यह 5700 √fck था, लेकिन आधुनिक IS 456:2000 कोड के अनुसार इसे संशोधित करके Ec = 5000 √fck (N/mm²) कर दिया गया है। (जहाँ fck कंक्रीट की अभिलाक्षणिक सामर्थ्य है)।
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Q784: मोर्टार की मोटाई (Thickness of mortar) को शामिल करते हुए, भारत में एक मॉड्यूलर ईंट का 'नाममात्र आकार' (Nominal Size) क्या होता है?
- A) 19 cm × 9 cm × 9 cm
- ✅ B) 20 cm × 10 cm × 10 cm (सही उत्तर)
- C) 23 cm × 11.4 cm × 7.6 cm
- D) 19 cm × 10 cm × 10 cm
💡 डिटेल Explanation:
बिना मसाले के एक मॉड्यूलर ईंट का मानक (Standard) आकार 19 cm × 9 cm × 9 cm होता है। जब चिनाई की जाती है, तो ईंट के चारों ओर 1 cm (10 mm) मोटा मोर्टार लगाया जाता है। मोर्टार सहित ईंट के आकार को नाममात्र आकार (Nominal Size) कहते हैं, जो 20 cm × 10 cm × 10 cm होता है।
बिना मसाले के एक मॉड्यूलर ईंट का मानक (Standard) आकार 19 cm × 9 cm × 9 cm होता है। जब चिनाई की जाती है, तो ईंट के चारों ओर 1 cm (10 mm) मोटा मोर्टार लगाया जाता है। मोर्टार सहित ईंट के आकार को नाममात्र आकार (Nominal Size) कहते हैं, जो 20 cm × 10 cm × 10 cm होता है।
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Q785: 785 MCQ का माइलस्टोन! प्रश्न: 'डिस्टेंपर' (Distemper) पेंट बनाने के लिए मुख्य 'बेस' (Base) के रूप में किसका उपयोग किया जाता है?
- A) व्हाइट लेड (White Lead)
- ✅ B) चॉक पाउडर / वाइटिंग (Chalk powder / Whiting) (सही उत्तर)
- C) जिंक ऑक्साइड (Zinc Oxide)
- D) एल्युमिनियम पाउडर (Aluminium Powder)
💡 डिटेल Explanation:
डिस्टेंपर एक सस्ता पानी-आधारित (Water-based) पेंट है जिसे आमतौर पर अंदरूनी (Interior) दीवारों पर लगाया जाता है। इसमें मुख्य रूप से चॉक पाउडर (Whiting) को बेस के रूप में उपयोग किया जाता है, जिसे पानी में घोलकर थोड़ा सा गोंद (Glue/Size) मिलाकर तैयार किया जाता है।
डिस्टेंपर एक सस्ता पानी-आधारित (Water-based) पेंट है जिसे आमतौर पर अंदरूनी (Interior) दीवारों पर लगाया जाता है। इसमें मुख्य रूप से चॉक पाउडर (Whiting) को बेस के रूप में उपयोग किया जाता है, जिसे पानी में घोलकर थोड़ा सा गोंद (Glue/Size) मिलाकर तैयार किया जाता है।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 156 (Q786 - Q790)
📌 Exam Tags: SSC JE 2017 & 2019, UPPCL JE 2018, DMRC JE
Q786: लकड़ी को क्षय (Decay) और 'फफूंदी' (Fungi) के हमले से बचाने के लिए, लकड़ी के भीतर नमी (Moisture content) की मात्रा को हमेशा किससे कम रखना चाहिए?
- A) 5%
- B) 10%
- ✅ C) 20% (सही उत्तर)
- D) 30%
💡 डिटेल Explanation:
लकड़ी में फफूंदी (Fungi) केवल तभी पनप सकती है जब लकड़ी में नमी की मात्रा 20% से अधिक हो। इसलिए, लकड़ी को सड़ांध से बचाने के लिए सीजनिंग (Seasoning) के माध्यम से इसकी नमी को हमेशा 20% से नीचे (आदर्श रूप से 10-12%) रखा जाना चाहिए।
लकड़ी में फफूंदी (Fungi) केवल तभी पनप सकती है जब लकड़ी में नमी की मात्रा 20% से अधिक हो। इसलिए, लकड़ी को सड़ांध से बचाने के लिए सीजनिंग (Seasoning) के माध्यम से इसकी नमी को हमेशा 20% से नीचे (आदर्श रूप से 10-12%) रखा जाना चाहिए।
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Q787: सीमेंट के जलयोजन (Hydration) के दौरान कौन सा बोग्स यौगिक (Bogue's Compound) सबसे अंत में प्रतिक्रिया करता है और कंक्रीट को 'अंतिम सामर्थ्य' (Ultimate Strength) प्रदान करता है?
- A) ट्राईकैल्शियम सिलिकेट (C3S)
- ✅ B) डाईकैल्शियम सिलिकेट (C2S) (सही उत्तर)
- C) ट्राईकैल्शियम एल्युमिनेट (C3A)
- D) टेट्राकैल्शियम एल्युमिनोफेराइट (C4AF)
💡 डिटेल Explanation:
डाईकैल्शियम सिलिकेट (C2S) पानी के साथ बहुत धीमी गति से (कई महीनों या सालों तक) प्रतिक्रिया करता है। कंक्रीट के 28 दिनों के बाद की ताकत, जिसे अंतिम या अल्टीमेट सामर्थ्य (Ultimate Strength) कहते हैं, पूरी तरह से इसी यौगिक की उपस्थिति के कारण होती है।
डाईकैल्शियम सिलिकेट (C2S) पानी के साथ बहुत धीमी गति से (कई महीनों या सालों तक) प्रतिक्रिया करता है। कंक्रीट के 28 दिनों के बाद की ताकत, जिसे अंतिम या अल्टीमेट सामर्थ्य (Ultimate Strength) कहते हैं, पूरी तरह से इसी यौगिक की उपस्थिति के कारण होती है।
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Q788: IS 456 के अनुसार, सामान्य स्थिति में एक 'प्रबलित कंक्रीट कॉलम' (RCC Column) के लिए मुख्य सरियों के ऊपर 'न्यूनतम स्पष्ट कवर' (Minimum Clear Cover) कितना दिया जाना चाहिए?
- A) 15 mm
- B) 20 mm
- C) 25 mm
- ✅ D) 40 mm (सही उत्तर)
💡 डिटेल Explanation:
स्टील के सरियों को जंग लगने और आग से बचाने के लिए उन पर कंक्रीट का एक आवरण (Clear cover) छोड़ा जाता है। IS 456 के अनुसार:
• स्लैब (Slab) = 20 mm
• बीम (Beam) = 25 mm
• कॉलम (Column) = 40 mm
• नींव (Footing) = 50 mm.
स्टील के सरियों को जंग लगने और आग से बचाने के लिए उन पर कंक्रीट का एक आवरण (Clear cover) छोड़ा जाता है। IS 456 के अनुसार:
• स्लैब (Slab) = 20 mm
• बीम (Beam) = 25 mm
• कॉलम (Column) = 40 mm
• नींव (Footing) = 50 mm.
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Q789: भूवैज्ञानिक (Geological) वर्गीकरण के अनुसार, 'सैंडस्टोन' (Sandstone / बलुआ पत्थर) किस प्रकार की चट्टान का उदाहरण है?
- A) आग्नेय चट्टान (Igneous Rock)
- ✅ B) अवसादी चट्टान (Sedimentary Rock) (सही उत्तर)
- C) कायांतरित चट्टान (Metamorphic Rock)
- D) ज्वालामुखीय चट्टान (Volcanic Rock)
💡 डिटेल Explanation:
पानी, हवा या बर्फ द्वारा बहाकर लाए गए बालू (Sand) के कण जब हजारों वर्षों तक परतों (Layers) में जमा होते हैं और दबाव के कारण आपस में जुड़ जाते हैं, तो वे बलुआ पत्थर (Sandstone) बनाते हैं। इस प्रकार परतों में बनी चट्टानों को अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) कहा जाता है।
पानी, हवा या बर्फ द्वारा बहाकर लाए गए बालू (Sand) के कण जब हजारों वर्षों तक परतों (Layers) में जमा होते हैं और दबाव के कारण आपस में जुड़ जाते हैं, तो वे बलुआ पत्थर (Sandstone) बनाते हैं। इस प्रकार परतों में बनी चट्टानों को अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) कहा जाता है।
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Q790: 790 MCQ का माइलस्टोन! प्रश्न: पानी के भीतर (Underwater) या अत्यधिक सीलन वाली जगहों पर निर्माण कार्य के लिए किस प्रकार के चूने (Lime) का उपयोग सबसे उपयुक्त माना जाता है?
- A) फैट लाइम (Fat Lime)
- B) लीन लाइम (Lean Lime)
- ✅ C) हाइड्रोलिक लाइम (Hydraulic Lime) (सही उत्तर)
- D) स्लेक्ड लाइम (Slaked Lime)
💡 डिटेल Explanation:
फैट लाइम पानी में घुल जाता है, इसलिए वह सीलन या पानी के अंदर के लिए बेकार है। इसके विपरीत, हाइड्रोलिक लाइम (Hydraulic Lime - जलीय चूना) में 10-30% मिट्टी (Clay) मौजूद होती है, जो इसे पानी के भीतर भी तेजी से और मजबूती से जमने (Set) की क्षमता प्रदान करती है।
फैट लाइम पानी में घुल जाता है, इसलिए वह सीलन या पानी के अंदर के लिए बेकार है। इसके विपरीत, हाइड्रोलिक लाइम (Hydraulic Lime - जलीय चूना) में 10-30% मिट्टी (Clay) मौजूद होती है, जो इसे पानी के भीतर भी तेजी से और मजबूती से जमने (Set) की क्षमता प्रदान करती है।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 155 (Q781 - Q785)
📌 Exam Tags: SSC JE 2017 & 2019, UPPCL JE 2018, DMRC JE
Q781: एक पेड़ के तने (Trunk) के क्रॉस-सेक्शन में, सबसे भीतरी या केंद्रीय भाग (Innermost central part) को तकनीकी रूप से क्या कहा जाता है?
- A) हार्टवुड (Heartwood)
- B) सैपवुड (Sapwood)
- ✅ C) पिथ या मज्जा (Pith / Medulla) (सही उत्तर)
- D) कैम्बियम लेयर (Cambium layer)
💡 डिटेल Explanation:
पेड़ के तने का सबसे केंद्रीय भाग पिथ (Pith) या मज्जा (Medulla) कहलाता है। यह पेड़ का सबसे पुराना हिस्सा होता है, जो युवा अवस्था में पेड़ को पोषण देता है। जैसे-जैसे पेड़ बड़ा होता है, पिथ सूखकर मृत हो जाता है और इसके चारों ओर हार्टवुड का निर्माण होता है।
पेड़ के तने का सबसे केंद्रीय भाग पिथ (Pith) या मज्जा (Medulla) कहलाता है। यह पेड़ का सबसे पुराना हिस्सा होता है, जो युवा अवस्था में पेड़ को पोषण देता है। जैसे-जैसे पेड़ बड़ा होता है, पिथ सूखकर मृत हो जाता है और इसके चारों ओर हार्टवुड का निर्माण होता है।
📌 Exam Tags: SSC JE 2016, UPSSSC JE 2018, MP Vyapam
Q782: साधारण पोर्टलैंड सीमेंट (OPC) के लिए 'ली-चेटेलियर' (Le-Chatelier) परीक्षण में फैलाव (Expansion) की अधिकतम अनुमेय सीमा कितनी होती है?
- A) 5 mm
- ✅ B) 10 mm (सही उत्तर)
- C) 15 mm
- D) 20 mm
💡 डिटेल Explanation:
ली-चेटेलियर परीक्षण सीमेंट की 'निर्दोषता' (Soundness) या मुक्त चूने (Free Lime) के कारण होने वाले आयतन विस्तार को मापता है। भारतीय मानकों (IS 269) के अनुसार, साधारण पोर्टलैंड सीमेंट (OPC) के लिए यह विस्तार (Expansion) 10 mm से अधिक नहीं होना चाहिए।
ली-चेटेलियर परीक्षण सीमेंट की 'निर्दोषता' (Soundness) या मुक्त चूने (Free Lime) के कारण होने वाले आयतन विस्तार को मापता है। भारतीय मानकों (IS 269) के अनुसार, साधारण पोर्टलैंड सीमेंट (OPC) के लिए यह विस्तार (Expansion) 10 mm से अधिक नहीं होना चाहिए।
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Q783: IS 456:2000 के अनुसार, कंक्रीट के अल्पकालिक 'प्रत्यास्थता मापांक' (Short-term Modulus of Elasticity - Ec) की गणना करने का सूत्र क्या है?
- ✅ A) Ec = 5000 √fck (सही उत्तर)
- B) Ec = 5700 √fck
- C) Ec = 0.7 √fck
- D) Ec = 500 √fck
💡 डिटेल Explanation:
कंक्रीट की कठोरता (Stiffness) को उसके प्रत्यास्थता मापांक (Ec) द्वारा दर्शाया जाता है। पुराने IS 456:1978 कोड में यह 5700 √fck था, लेकिन आधुनिक IS 456:2000 कोड के अनुसार इसे संशोधित करके Ec = 5000 √fck (N/mm²) कर दिया गया है। (जहाँ fck कंक्रीट की अभिलाक्षणिक सामर्थ्य है)।
कंक्रीट की कठोरता (Stiffness) को उसके प्रत्यास्थता मापांक (Ec) द्वारा दर्शाया जाता है। पुराने IS 456:1978 कोड में यह 5700 √fck था, लेकिन आधुनिक IS 456:2000 कोड के अनुसार इसे संशोधित करके Ec = 5000 √fck (N/mm²) कर दिया गया है। (जहाँ fck कंक्रीट की अभिलाक्षणिक सामर्थ्य है)।
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Q784: मोर्टार की मोटाई (Thickness of mortar) को शामिल करते हुए, भारत में एक मॉड्यूलर ईंट का 'नाममात्र आकार' (Nominal Size) क्या होता है?
- A) 19 cm × 9 cm × 9 cm
- ✅ B) 20 cm × 10 cm × 10 cm (सही उत्तर)
- C) 23 cm × 11.4 cm × 7.6 cm
- D) 19 cm × 10 cm × 10 cm
💡 डिटेल Explanation:
बिना मसाले के एक मॉड्यूलर ईंट का मानक (Standard) आकार 19 cm × 9 cm × 9 cm होता है। जब चिनाई की जाती है, तो ईंट के चारों ओर 1 cm (10 mm) मोटा मोर्टार लगाया जाता है। मोर्टार सहित ईंट के आकार को नाममात्र आकार (Nominal Size) कहते हैं, जो 20 cm × 10 cm × 10 cm होता है।
बिना मसाले के एक मॉड्यूलर ईंट का मानक (Standard) आकार 19 cm × 9 cm × 9 cm होता है। जब चिनाई की जाती है, तो ईंट के चारों ओर 1 cm (10 mm) मोटा मोर्टार लगाया जाता है। मोर्टार सहित ईंट के आकार को नाममात्र आकार (Nominal Size) कहते हैं, जो 20 cm × 10 cm × 10 cm होता है।
📌 Exam Tags: SSC JE 2017 & 2018, UPSSSC JE 2016, RRB JE
Q785: 785 MCQ का माइलस्टोन! प्रश्न: 'डिस्टेंपर' (Distemper) पेंट बनाने के लिए मुख्य 'बेस' (Base) के रूप में किसका उपयोग किया जाता है?
- A) व्हाइट लेड (White Lead)
- ✅ B) चॉक पाउडर / वाइटिंग (Chalk powder / Whiting) (सही उत्तर)
- C) जिंक ऑक्साइड (Zinc Oxide)
- D) एल्युमिनियम पाउडर (Aluminium Powder)
💡 डिटेल Explanation:
डिस्टेंपर एक सस्ता पानी-आधारित (Water-based) पेंट है जिसे आमतौर पर अंदरूनी (Interior) दीवारों पर लगाया जाता है। इसमें मुख्य रूप से चॉक पाउडर (Whiting) को बेस के रूप में उपयोग किया जाता है, जिसे पानी में घोलकर थोड़ा सा गोंद (Glue/Size) मिलाकर तैयार किया जाता है।
डिस्टेंपर एक सस्ता पानी-आधारित (Water-based) पेंट है जिसे आमतौर पर अंदरूनी (Interior) दीवारों पर लगाया जाता है। इसमें मुख्य रूप से चॉक पाउडर (Whiting) को बेस के रूप में उपयोग किया जाता है, जिसे पानी में घोलकर थोड़ा सा गोंद (Glue/Size) मिलाकर तैयार किया जाता है।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 156 (Q786 - Q790)
📌 Exam Tags: SSC JE 2017 & 2019, UPPCL JE 2018, DMRC JE
Q786: लकड़ी को क्षय (Decay) और 'फफूंदी' (Fungi) के हमले से बचाने के लिए, लकड़ी के भीतर नमी (Moisture content) की मात्रा को हमेशा किससे कम रखना चाहिए?
- A) 5%
- B) 10%
- ✅ C) 20% (सही उत्तर)
- D) 30%
💡 डिटेल Explanation:
लकड़ी में फफूंदी (Fungi) केवल तभी पनप सकती है जब लकड़ी में नमी की मात्रा 20% से अधिक हो। इसलिए, लकड़ी को सड़ांध से बचाने के लिए सीजनिंग (Seasoning) के माध्यम से इसकी नमी को हमेशा 20% से नीचे (आदर्श रूप से 10-12%) रखा जाना चाहिए।
लकड़ी में फफूंदी (Fungi) केवल तभी पनप सकती है जब लकड़ी में नमी की मात्रा 20% से अधिक हो। इसलिए, लकड़ी को सड़ांध से बचाने के लिए सीजनिंग (Seasoning) के माध्यम से इसकी नमी को हमेशा 20% से नीचे (आदर्श रूप से 10-12%) रखा जाना चाहिए।
📌 Exam Tags: SSC JE 2016, UPSSSC JE 2018, MP Vyapam
Q787: सीमेंट के जलयोजन (Hydration) के दौरान कौन सा बोग्स यौगिक (Bogue's Compound) सबसे अंत में प्रतिक्रिया करता है और कंक्रीट को 'अंतिम सामर्थ्य' (Ultimate Strength) प्रदान करता है?
- A) ट्राईकैल्शियम सिलिकेट (C3S)
- ✅ B) डाईकैल्शियम सिलिकेट (C2S) (सही उत्तर)
- C) ट्राईकैल्शियम एल्युमिनेट (C3A)
- D) टेट्राकैल्शियम एल्युमिनोफेराइट (C4AF)
💡 डिटेल Explanation:
डाईकैल्शियम सिलिकेट (C2S) पानी के साथ बहुत धीमी गति से (कई महीनों या सालों तक) प्रतिक्रिया करता है। कंक्रीट के 28 दिनों के बाद की ताकत, जिसे अंतिम या अल्टीमेट सामर्थ्य (Ultimate Strength) कहते हैं, पूरी तरह से इसी यौगिक की उपस्थिति के कारण होती है।
डाईकैल्शियम सिलिकेट (C2S) पानी के साथ बहुत धीमी गति से (कई महीनों या सालों तक) प्रतिक्रिया करता है। कंक्रीट के 28 दिनों के बाद की ताकत, जिसे अंतिम या अल्टीमेट सामर्थ्य (Ultimate Strength) कहते हैं, पूरी तरह से इसी यौगिक की उपस्थिति के कारण होती है।
📌 Exam Tags: SSC JE 2015 & 2018, RRB JE, UKPSC JE
Q788: IS 456 के अनुसार, सामान्य स्थिति में एक 'प्रबलित कंक्रीट कॉलम' (RCC Column) के लिए मुख्य सरियों के ऊपर 'न्यूनतम स्पष्ट कवर' (Minimum Clear Cover) कितना दिया जाना चाहिए?
- A) 15 mm
- B) 20 mm
- C) 25 mm
- ✅ D) 40 mm (सही उत्तर)
💡 डिटेल Explanation:
स्टील के सरियों को जंग लगने और आग से बचाने के लिए उन पर कंक्रीट का एक आवरण (Clear cover) छोड़ा जाता है। IS 456 के अनुसार:
• स्लैब (Slab) = 20 mm
• बीम (Beam) = 25 mm
• कॉलम (Column) = 40 mm
• नींव (Footing) = 50 mm.
स्टील के सरियों को जंग लगने और आग से बचाने के लिए उन पर कंक्रीट का एक आवरण (Clear cover) छोड़ा जाता है। IS 456 के अनुसार:
• स्लैब (Slab) = 20 mm
• बीम (Beam) = 25 mm
• कॉलम (Column) = 40 mm
• नींव (Footing) = 50 mm.
📌 Exam Tags: SSC JE 2017 & 2019, LMRC JE, RRB JE
Q789: भूवैज्ञानिक (Geological) वर्गीकरण के अनुसार, 'सैंडस्टोन' (Sandstone / बलुआ पत्थर) किस प्रकार की चट्टान का उदाहरण है?
- A) आग्नेय चट्टान (Igneous Rock)
- ✅ B) अवसादी चट्टान (Sedimentary Rock) (सही उत्तर)
- C) कायांतरित चट्टान (Metamorphic Rock)
- D) ज्वालामुखीय चट्टान (Volcanic Rock)
💡 डिटेल Explanation:
पानी, हवा या बर्फ द्वारा बहाकर लाए गए बालू (Sand) के कण जब हजारों वर्षों तक परतों (Layers) में जमा होते हैं और दबाव के कारण आपस में जुड़ जाते हैं, तो वे बलुआ पत्थर (Sandstone) बनाते हैं। इस प्रकार परतों में बनी चट्टानों को अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) कहा जाता है।
पानी, हवा या बर्फ द्वारा बहाकर लाए गए बालू (Sand) के कण जब हजारों वर्षों तक परतों (Layers) में जमा होते हैं और दबाव के कारण आपस में जुड़ जाते हैं, तो वे बलुआ पत्थर (Sandstone) बनाते हैं। इस प्रकार परतों में बनी चट्टानों को अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) कहा जाता है।
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Q790: 790 MCQ का माइलस्टोन! प्रश्न: पानी के भीतर (Underwater) या अत्यधिक सीलन वाली जगहों पर निर्माण कार्य के लिए किस प्रकार के चूने (Lime) का उपयोग सबसे उपयुक्त माना जाता है?
- A) फैट लाइम (Fat Lime)
- B) लीन लाइम (Lean Lime)
- ✅ C) हाइड्रोलिक लाइम (Hydraulic Lime) (सही उत्तर)
- D) स्लेक्ड लाइम (Slaked Lime)
💡 डिटेल Explanation:
फैट लाइम पानी में घुल जाता है, इसलिए वह सीलन या पानी के अंदर के लिए बेकार है। इसके विपरीत, हाइड्रोलिक लाइम (Hydraulic Lime - जलीय चूना) में 10-30% मिट्टी (Clay) मौजूद होती है, जो इसे पानी के भीतर भी तेजी से और मजबूती से जमने (Set) की क्षमता प्रदान करती है।
फैट लाइम पानी में घुल जाता है, इसलिए वह सीलन या पानी के अंदर के लिए बेकार है। इसके विपरीत, हाइड्रोलिक लाइम (Hydraulic Lime - जलीय चूना) में 10-30% मिट्टी (Clay) मौजूद होती है, जो इसे पानी के भीतर भी तेजी से और मजबूती से जमने (Set) की क्षमता प्रदान करती है।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 157 (Q791 - Q795)
📌 Exam Tags: SSC JE 2017, RRB JE, UPPCL
Q791: सीमेंट के 'प्रारंभिक जमाव' (Initial Setting) को नियंत्रित करने के लिए जिप्सम (Gypsum) की मात्रा सीमेंट में सामान्यतः कितनी रखी जाती है?
- A) 0.5% - 1.0%
- ✅ B) 2.0% - 3.0% (सही उत्तर)
- C) 5.0% - 7.0%
- D) 10.0%
💡 डिटेल Explanation:
सीमेंट में C3A (ट्राईकैल्शियम एल्युमिनेट) बहुत तेजी से जमता है। इस जमाव को 'रिटार्ड' (धीमा) करने के लिए सीमेंट पीसते समय 2% से 3% जिप्सम मिलाया जाता है। यह कंक्रीट को बिछाने के लिए पर्याप्त समय (लगभग 30 मिनट) प्रदान करता है।
सीमेंट में C3A (ट्राईकैल्शियम एल्युमिनेट) बहुत तेजी से जमता है। इस जमाव को 'रिटार्ड' (धीमा) करने के लिए सीमेंट पीसते समय 2% से 3% जिप्सम मिलाया जाता है। यह कंक्रीट को बिछाने के लिए पर्याप्त समय (लगभग 30 मिनट) प्रदान करता है।
📌 Exam Tags: SSC JE 2016, UPSSSC JE, MP Vyapam
Q792: पत्थर की चिनाई में 'कॉर्बेल' (Corbel) का अर्थ क्या होता है?
- A) दीवार के अंदर का एक छिद्र
- ✅ B) दीवार से बाहर निकला हुआ पत्थर का सहारा (Projecting support) (सही उत्तर)
- C) पत्थर पर की गई नक्काशी
- D) पत्थर की दो परतों के बीच का मसाला
💡 डिटेल Explanation:
कॉर्बेल (Corbel) दीवार से बाहर निकला हुआ एक पत्थर का टुकड़ा या ईंटों का समूह होता है, जो ऊपर से आने वाले भार (जैसे छज्जे या बीम) को दीवार पर ट्रांसफर करने के लिए एक 'सहारे' (Support) का काम करता है।
कॉर्बेल (Corbel) दीवार से बाहर निकला हुआ एक पत्थर का टुकड़ा या ईंटों का समूह होता है, जो ऊपर से आने वाले भार (जैसे छज्जे या बीम) को दीवार पर ट्रांसफर करने के लिए एक 'सहारे' (Support) का काम करता है।
📌 Exam Tags: SSC JE 2015 & 2018, UKPSC JE
Q793: 'प्लास्टर ऑफ पेरिस' (POP) को बनाने के लिए जिप्सम को किस तापमान सीमा पर गर्म किया जाता है?
- A) 50°C - 80°C
- ✅ B) 120°C - 150°C (सही उत्तर)
- C) 200°C - 300°C
- D) 500°C से अधिक
💡 डिटेल Explanation:
जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को जब सावधानीपूर्वक **120°C से 150°C** के बीच गर्म किया जाता है, तो यह अपना 1.5 अणु पानी खोकर 'हेमीहाइड्रेट' (CaSO₄·½H₂O) बन जाता है, जिसे प्लास्टर ऑफ पेरिस कहते हैं। यदि तापमान 200°C से ऊपर चला जाए, तो यह 'डेड बर्न जिप्सम' बन जाता है, जो जल्दी नहीं जमता।
जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) को जब सावधानीपूर्वक **120°C से 150°C** के बीच गर्म किया जाता है, तो यह अपना 1.5 अणु पानी खोकर 'हेमीहाइड्रेट' (CaSO₄·½H₂O) बन जाता है, जिसे प्लास्टर ऑफ पेरिस कहते हैं। यदि तापमान 200°C से ऊपर चला जाए, तो यह 'डेड बर्न जिप्सम' बन जाता है, जो जल्दी नहीं जमता।
📌 Exam Tags: SSC JE 2017 & 2019, LMRC JE, RRB JE
Q794: पेंट की सतह पर 'चॉकिंग' (Chalking) नामक दोष का अर्थ क्या है?
- ✅ A) पेंट का सूखने के बाद पाउडर (सफेद धूल) के रूप में झड़ना (सही उत्तर)
- B) सतह पर छोटी-छोटी दरारें पड़ना
- C) सतह पर रंगीन धब्बे पड़ना
- D) पेंट का चिपकने में असमर्थ होना
💡 डिटेल Explanation:
चॉकिंग (Chalking) तब होती है जब पेंट का 'बाइंडर' (Binder) धूप और मौसम के प्रभाव से नष्ट हो जाता है, जिससे पिगमेंट (रंग) के कण ढीले हो जाते हैं। इसे छूने पर वे पाउडर की तरह हाथ में लग जाते हैं। यह दोष आमतौर पर खराब क्वालिटी के पेंट का उपयोग करने से होता है।
चॉकिंग (Chalking) तब होती है जब पेंट का 'बाइंडर' (Binder) धूप और मौसम के प्रभाव से नष्ट हो जाता है, जिससे पिगमेंट (रंग) के कण ढीले हो जाते हैं। इसे छूने पर वे पाउडर की तरह हाथ में लग जाते हैं। यह दोष आमतौर पर खराब क्वालिटी के पेंट का उपयोग करने से होता है।
📌 Exam Tags: SSC JE 2017 & 2018, UPSSSC JE, RRB JE
Q795: 795 MCQ का माइलस्टोन! प्रश्न: कंक्रीट को बिछाने के बाद 'वाइब्रेशन' (Vibration) देने का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
- A) पानी की मात्रा कम करना
- ✅ B) कंक्रीट के भीतर से हवा के बुलबुलों (Entrapped air) को निकालना (सही उत्तर)
- C) तराई (Curing) की प्रक्रिया तेज करना
- D) सीमेंट के जमने की गति बढ़ाना
💡 डिटेल Explanation:
कंक्रीट बिछाते समय उसमें हवा के छोटे-छोटे बुलबुले (Entrapped air) फंस जाते हैं, जो कंक्रीट को कमजोर और छिद्रपूर्ण (Porous) बनाते हैं। वाइब्रेशन (Vibration) से कंक्रीट तरल अवस्था में आकर इन बुलबुलों को बाहर निकाल देती है, जिससे कंक्रीट सघन (Dense) और मजबूत हो जाती है।
कंक्रीट बिछाते समय उसमें हवा के छोटे-छोटे बुलबुले (Entrapped air) फंस जाते हैं, जो कंक्रीट को कमजोर और छिद्रपूर्ण (Porous) बनाते हैं। वाइब्रेशन (Vibration) से कंक्रीट तरल अवस्था में आकर इन बुलबुलों को बाहर निकाल देती है, जिससे कंक्रीट सघन (Dense) और मजबूत हो जाती है।
बिल्डिंग मटेरियल (बोनस MCQ सीरीज़) - भाग 156 (Q796 - Q800)
📌 Exam Tags: SSC JE 2017 & 2019, UPPCL JE 2018, DMRC JE
Q796: पत्थरों के ड्रेसिंग (Dressing) में 'बुश हैमरिंग' (Bush Hammering) का क्या अर्थ है?
- A) पत्थर को चिकना बनाना
- ✅ B) पत्थर की सतह पर दानेदार (Rough/Textured) फिनिश बनाना (सही उत्तर)
- C) पत्थर के कोने काटना
- D) पत्थर में ड्रिल करना
💡 डिटेल Explanation:
बुश हैमरिंग (Bush Hammering) एक फिनिशिंग प्रक्रिया है जिसमें एक विशेष प्रकार के 'बुश हैमर' (जिसके सिर पर छोटे-छोटे पिरामिड नुकीले दांते होते हैं) से पत्थर को पीटा जाता है। इससे पत्थर की सतह पर खुरदरी या दानेदार बनावट (Textured finish) आ जाती है, जो सजावट और फिसलन-रोधी फर्श के लिए उपयोगी है।
बुश हैमरिंग (Bush Hammering) एक फिनिशिंग प्रक्रिया है जिसमें एक विशेष प्रकार के 'बुश हैमर' (जिसके सिर पर छोटे-छोटे पिरामिड नुकीले दांते होते हैं) से पत्थर को पीटा जाता है। इससे पत्थर की सतह पर खुरदरी या दानेदार बनावट (Textured finish) आ जाती है, जो सजावट और फिसलन-रोधी फर्श के लिए उपयोगी है।
📌 Exam Tags: SSC JE 2016, UPSSSC JE 2018, MP Vyapam
Q797: प्रबलित कंक्रीट (RCC) कार्यों में 'कवर ब्लॉक' (Cover block) का उपयोग क्यों किया जाता है?
- A) सरिये की ताकत बढ़ाने के लिए
- B) कंक्रीट का वजन घटाने के लिए
- ✅ C) सरिये और बाहरी सतह के बीच 'न्यूनतम क्लियर कवर' (Clear cover) सुनिश्चित करने के लिए (सही उत्तर)
- D) कंक्रीट की तराई करने के लिए
💡 डिटेल Explanation:
कवर ब्लॉक छोटे सीमेंट कंक्रीट के ब्लॉक होते हैं जिन्हें सरिये (Steel reinforcement) और फॉर्मवर्क (Shuttering) के बीच रखा जाता है। इनका उपयोग सुनिश्चित करता है कि कंक्रीट की कास्टिंग के बाद सरिया बाहरी वातावरण के संपर्क में न आए, जिससे सरिये को जंग लगने और आग से सुरक्षा मिलती है।
कवर ब्लॉक छोटे सीमेंट कंक्रीट के ब्लॉक होते हैं जिन्हें सरिये (Steel reinforcement) और फॉर्मवर्क (Shuttering) के बीच रखा जाता है। इनका उपयोग सुनिश्चित करता है कि कंक्रीट की कास्टिंग के बाद सरिया बाहरी वातावरण के संपर्क में न आए, जिससे सरिये को जंग लगने और आग से सुरक्षा मिलती है।
📌 Exam Tags: SSC JE 2015 & 2018, RRB JE, UKPSC JE
Q798: साधारण ईंटों की तुलना में 'फ्लाइ ऐश ईंटों' (Fly Ash Bricks) का मुख्य इंजीनियरिंग लाभ क्या है?
- A) ये पानी ज्यादा सोखती हैं
- ✅ B) ये वजन में हल्की होती हैं और इनकी स्ट्रेंथ अधिक होती है (सही उत्तर)
- C) इन्हें पकाने के लिए भट्ठे की जरूरत होती है
- D) ये ईंटें बहुत महंगी होती हैं
💡 डिटेल Explanation:
फ्लाइ ऐश ईंटें थर्मल पावर प्लांट के अवशेष (Fly ash) से बनाई जाती हैं, जो एक पर्यावरणीय लाभ है। ये ईंटें मिट्टी की ईंटों की तुलना में वजन में काफी हल्की (जिससे स्ट्रक्चर का लोड कम होता है) और **स्ट्रेंथ में अधिक** होती हैं। इनमें एफ्लोरेसेंस (लोना) की समस्या भी न के बराबर होती है।
फ्लाइ ऐश ईंटें थर्मल पावर प्लांट के अवशेष (Fly ash) से बनाई जाती हैं, जो एक पर्यावरणीय लाभ है। ये ईंटें मिट्टी की ईंटों की तुलना में वजन में काफी हल्की (जिससे स्ट्रक्चर का लोड कम होता है) और **स्ट्रेंथ में अधिक** होती हैं। इनमें एफ्लोरेसेंस (लोना) की समस्या भी न के बराबर होती है।
📌 Exam Tags: SSC JE 2017 & 2019, LMRC JE, RRB JE
Q799: सीमेंट में जिप्सम (Gypsum) मिलाने का सबसे मुख्य कार्य क्या है?
- A) सीमेंट को जल्दी जमने में मदद करना
- B) सीमेंट का रंग हल्का करना
- ✅ C) सीमेंट के प्रारंभिक जमाव (Initial Setting) के समय को बढ़ाना (सही उत्तर)
- D) सीमेंट की अंतिम ताकत (Ultimate Strength) बढ़ाना
💡 डिटेल Explanation:
सीमेंट में मौजूद C3A (ट्राईकैल्शियम एल्युमिनेट) पानी के साथ बहुत तेजी से क्रिया करता है। यदि इसमें जिप्सम न मिलाया जाए, तो सीमेंट पानी मिलते ही तुरंत जम (Flash set) जाएगा। जिप्सम सीमेंट में एक रिटार्डर (Retarder) के रूप में कार्य करता है, जो C3A की क्रिया को धीमा कर देता है ताकि निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
सीमेंट में मौजूद C3A (ट्राईकैल्शियम एल्युमिनेट) पानी के साथ बहुत तेजी से क्रिया करता है। यदि इसमें जिप्सम न मिलाया जाए, तो सीमेंट पानी मिलते ही तुरंत जम (Flash set) जाएगा। जिप्सम सीमेंट में एक रिटार्डर (Retarder) के रूप में कार्य करता है, जो C3A की क्रिया को धीमा कर देता है ताकि निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
📌 Exam Tags: SSC JE 2017 & 2018, UPSSSC JE 2016, RRB JE
Q800: 🌟 800 MCQ का ऐतिहासिक माइलस्टोन! 🌟 प्रश्न: कंक्रीट का 'कार्यशीलता' (Workability) परीक्षण करने के लिए 'कॉम्पैक्टिंग फैक्टर टेस्ट' (Compacting Factor Test) किस प्रकार की कंक्रीट के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है?
- A) बहुत अधिक तरल (Very wet) कंक्रीट
- ✅ B) कम कार्यशीलता (Low workability) वाली कंक्रीट (सही उत्तर)
- C) केवल पीसीसी (PCC) कंक्रीट
- D) बहुत महीन (Fine) कंक्रीट
💡 डिटेल Explanation:
स्लंप टेस्ट बहुत सूखी कंक्रीट के लिए सटीक नहीं होता। कॉम्पैक्टिंग फैक्टर टेस्ट प्रयोगशाला में किया जाने वाला एक अत्यधिक संवेदनशील परीक्षण है, जो उन कंक्रीट मिश्रणों के लिए सबसे उपयुक्त है जिनकी **कार्यशीलता (Workability) कम होती है**। यह परीक्षण कंक्रीट की आंतरिक घर्षण और आंतरिक प्रतिरोध (Internal resistance) को बेहतर ढंग से मापता है।
स्लंप टेस्ट बहुत सूखी कंक्रीट के लिए सटीक नहीं होता। कॉम्पैक्टिंग फैक्टर टेस्ट प्रयोगशाला में किया जाने वाला एक अत्यधिक संवेदनशील परीक्षण है, जो उन कंक्रीट मिश्रणों के लिए सबसे उपयुक्त है जिनकी **कार्यशीलता (Workability) कम होती है**। यह परीक्षण कंक्रीट की आंतरिक घर्षण और आंतरिक प्रतिरोध (Internal resistance) को बेहतर ढंग से मापता है।
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